Notice: Function amp_has_paired_endpoint was called incorrectly. Function called while AMP is disabled via `amp_is_enabled` filter. The service ID "paired_routing" is not recognized and cannot be retrieved. Please see Debugging in WordPress for more information. (This message was added in version 2.1.1.) in /home/mhonecpanel/public_html/news.mhone.in/wp-includes/functions.php on line 6131
उत्तराखंड सरकार का बड़ा एलान, कांवड़ मार्ग पर दुकानदारों के लिए निर्देश जारी
Monday, February 9, 2026
Google search engine
HomeCurrent Newsउत्तराखंड सरकार का बड़ा एलान, कांवड़ मार्ग पर दुकानदारों के लिए निर्देश...

उत्तराखंड सरकार का बड़ा एलान, कांवड़ मार्ग पर दुकानदारों के लिए निर्देश जारी

उत्तर प्रदेश के बाद अब उत्तराखंड में भी ढाबा-रेस्तरां मालिकों के लिए प्रतिष्ठान के बाहर नेम प्लेट, फूड लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट प्रमुखता से प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया गया है। अब इस पर विवाद हो गया है। विपक्ष इसका खुलकर विरोध कर रहा है। विवाद बढ़ता देख अब खुद सूबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। सीएम धामी ने कहा कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है, कल मैं इसकी समीक्षा भी करूंगा।

कांवड़ मार्ग पर ढाबा-दुकान मालिकों के नेम प्लेट विवाद पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांवड़ यात्रा हमारी आस्था और भक्ति की यात्रा है, जिसमें हर साल चार करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु अलग-अलग क्षेत्रों से हरिद्वार और ऋषिकेश आते हैं। वे सभी गंगा नदी का पवित्र जल अपने-अपने क्षेत्रों में ले जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि कांवड़ यात्रा के मार्ग में पड़ने वाली दुकानें शुद्ध होनी चाहिए और खाद्य पदार्थों में किसी तरह की मिलावट नहीं होनी चाहिए। यही वजह है कि हमने यह फैसला लिया है। कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है, कल मैं इसकी समीक्षा भी करूंगा।

इससे पहले उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर खाद्य पदार्थों की दुकानों के लिए अपना खाद्य लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रमुखता से प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। स्वास्थ्य सचिव और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त आर राजेश कुमार ने कहा कि यात्रा मार्ग पर होटल, ढाबा, खाद्य पदार्थ की ठेली और स्टॉल चलाने वालों को अपने लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र की स्पष्ट प्रति ऐसी जगह प्रदर्शित करनी होगी, जहां ग्राहक उसे आसानी से देख सकें।

छोटे व्यापारियों और खाद्य विक्रेताओं को भी अपना पंजीकरण प्रमाण पत्र साथ लेकर चलना होगा। होटलों, भोजनालयों, ढाबों और रेस्टोरेंट में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने वाले स्थान पर ‘फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड’ लगाना होगा, ताकि ग्राहकों को पता रहे कि भोजन की गुणवत्ता के लिए कौन जिम्मेदार है।

राजेश कुमार ने कहा कि इन निर्देशों का पालन न करने वाले व्यापारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 की धारा 55 के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसके तहत आदेश का उल्लंघन करने वालों पर 2 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को इन आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने यह भी कहा कि पंडालों और सामुदायिक रसोई में श्रद्धालुओं को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “मिलावट करने वालों और मानकों से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी। श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments