भारत और जापान के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देने की दिशा में बुधवार को एक अहम पहल देखने को मिली। इस दौरान जापान से आए प्रतिनिधिमंडल से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुलाकात की।
साझा मूल्यों पर आधारित है भारत-जापान रिश्ता- CM योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत और जापान के संबंध केवल कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा मूल्यों, आपसी विश्वास और विकास की सोच पर टिके हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश इस रणनीतिक साझेदारी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रहा है।
ग्रीन हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा पर फोकस
CM योगी ने आगे कहा कि यह MoU ग्रीन हाइड्रोजन, स्वच्छ ऊर्जा, क्षमता निर्माण और सतत औद्योगिक विकास में सहयोग का मजबूत आधार तैयार करता है। CM योगी ने बताया कि ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 के तहत प्रदेश में निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाया गया है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में ग्रीन हाइड्रोजन पायलट परियोजना के वाणिज्यिक संचालन को उन्होंने बड़ी उपलब्धि बताया। जापानी प्रतिनिधिमंडल ने स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के प्रयासों की सराहना की और भविष्य में तकनीकी सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।
“एक जिला, एक व्यंजन” पर हुई चर्चा
इस बैठक में बौद्ध विरासत और पर्यटन सर्किट के जरिए सांस्कृतिक संबंध मजबूत करने पर भी सहमति बनी। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के साथ हुई अलग बैठक में “एक जिला, एक व्यंजन” योजना को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने पर चर्चा हुई। इसलिए यह तय हुआ कि अप्रैल-मई में जापान में फूड फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा। जयवीर सिंह ने कहा कि आगरा, लखनऊ और वाराणसी जैसे शहरों में मौजूद गोल्फ कोर्स जापान के साथ खेल पर्यटन के नए अवसर खोल सकते हैं।



