उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार अपने 10वें बजट के जरिए प्रदेशवासियों को राहत देने के साथ-साथ आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। जन-आकांक्षाओं, सुशासन और समावेशी विकास के एजेंडे को केंद्र में रखकर तैयार किए गए इस बजट का आकार करीब 9.12 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
सूत्रों के मुताबिक, यह बजट चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के 8.08 लाख करोड़ रुपये के मूल बजट से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक बड़ा होगा। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के चौतरफा विकास को तेज रफ्तार दी जाए और निवेश, इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा रोजगार सृजन को और मजबूती मिले।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना पेश करेंगे सातवां बजट
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मंगलवार को बजट दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने की औपचारिकता पूरी की। बुधवार सुबह 11 बजे वे बतौर वित्त मंत्री अपना सातवां बजट विधानसभा में पेश करेंगे। बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी जाएगी।
पूंजीगत व्यय में बड़ा प्रावधान संभव
विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए सरकार बजट में करीब 2.50 लाख करोड़ रुपये तक के पूंजीगत व्यय का प्रावधान कर सकती है। माना जा रहा है कि इस रकम से सड़कों, एक्सप्रेसवे, रेलवे, मेट्रो, औद्योगिक कॉरिडोर, स्मार्ट सिटी और अन्य बड़ी परियोजनाओं को नई रफ्तार मिलेगी।
कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर जोर
बजट को अंतिम रूप देने के बाद वित्त मंत्री खन्ना ने कहा कि यह बजट जनता की अपेक्षाओं, विकास और सुशासन की प्रतिबद्धता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह बजट डबल इंजन सरकार की विकासशील सोच और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति का प्रतिबिंब होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन के साथ-साथ महिला और युवा सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी गई है।
र्वांचल-बुंदेलखंड के संतुलित विकास पर नजर
सरकार का फोकस प्रदेश के पिछड़े इलाकों के संतुलित विकास पर भी रहेगा। खासतौर पर पूर्वांचल, बुंदेलखंड और अन्य पिछड़े क्षेत्रों में विकास योजनाओं को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है ताकि विकास की धारा राज्य के हर हिस्से तक पहुंच सके।
विपक्ष को जवाब देने की रणनीति
चुनावी साल में यह बजट न सिर्फ सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं को दिखाएगा, बल्कि विपक्ष के हमलों का जवाब देने का भी जरिया बनेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट उन लोगों को ठोस जवाब देगा जो प्रदेश के विकास पर सवाल उठाते हैं। उनका दावा है कि आज उत्तर प्रदेश निवेश, इन्फ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।
अनुपूरक बजट से चुनावी लाभ लेने की तैयारी
सूत्रों का कहना है कि भाजपा के संकल्प पत्र के कुछ लोक-लुभावन वादों को सरकार मूल बजट की बजाय मानसून और शीतकालीन सत्र में अनुपूरक बजट के जरिए पूरा कर सकती है, ताकि चुनाव के समय उसका अधिकतम लाभ उठाया जा सके।









