नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयरलाइनों को एक बड़ी ऑपरेशनल राहत दी है। इसके तहत पहले जारी उस सर्कुलर को वापस ले लिया गया है, जिसमें क्रू मेंबर्स को वीकली रेस्ट के बदले छुट्टी देने पर रोक थी। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब भारत का विमानन क्षेत्र कर्मचारियों की कमी, उड़ानों की रद्दीकरण और अन्य व्यवधानों से जूझ रहा था। इस कारण इंडिगो को हजारों उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं।
DGCA के आधिकारिक आदेश में बताया गया है कि पहले के सर्कुलर में यह निर्देश था कि “वीकली रेस्ट के बदले कोई छुट्टी नहीं दी जाएगी।” एयरलाइनों से प्राप्त विभिन्न रिप्रेजेंटेशन और ऑपरेशनल चुनौतियों को देखते हुए यह नियम तुरंत वापस लिया गया है। यह आदेश संबंधित कंपिटेंट अथॉरिटी (CA) की मंजूरी से जारी किया गया है।
क्रू मेंबर्स के लिए पहले लागू नियम
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साप्ताहिक आराम: सात दिन काम करने के बाद लगातार 48 घंटे का रेस्ट अनिवार्य।
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नाइट ड्यूटी: अब रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक की शिफ्ट, पहले यह सुबह 5 बजे तक थी।
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नाइट लैंडिंग की लिमिट: पहले पायलट 6 लैंडिंग कर सकते थे, अब केवल 2।
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लगातार नाइट शिफ्ट पर रोक: लगातार दो रातों से अधिक ड्यूटी नहीं लग सकती।
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फ्लाइट ड्यूटी पीरियड लिमिट: प्री-फ्लाइट और पोस्ट-फ्लाइट में अतिरिक्त एक घंटे से अधिक काम नहीं।
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लंबी उड़ानों के बाद रेस्ट: कनाडा और अमेरिका जैसी लंबी उड़ानों के बाद पायलट को 24 घंटे का रेस्ट अनिवार्य।
यह बदलाव एयरलाइनों को ऑपरेशन की निरंतरता और स्थिरता सुनिश्चित करने में मदद करेगा, साथ ही क्रू मेंबर्स के लिए रेस्ट और वर्किंग शिफ्ट को अधिक लचीला बनाएगा।
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