Wednesday, February 11, 2026
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इसी का नाम म्यूचुअल फंड है, 10 लाख को ऐसे बना दिया 4.50 करोड़

देश की दूसरी सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी ICICI प्रूडेंशियल के वैल्यू डिस्कवरी फंड ने 20 साल पहले निवेश किए गए 10 लाख रुपए को 4.50 करोड़ रुपयए बना दिया है, यानी इस फंड चक्रवृद्धि ब्याज (सीएजीआर) रिटर्न 21 फीसदी से ज्यादा रहा है। जबकि इसी अवधि में निफ्टी में यही रकम केवल 2 करोड़ रुपये हुई है, यानी निफ्टी से दोगुना का ज्यादा फायदा इस फंड ने दिया है। निफ्टी का CAGR 16 फीसदी रहा है।

ICICI प्रूडेंशियल वैल्यू डिस्कवरी फंड देश में सबसे बड़ा वैल्यू फंड है, अर्थलाभ डॉटकॉम के आंकड़े बताते हैं कि इसका एसेट मैनेजमेंट यानी एयूएम 48,806 करोड़ रुपये है। यानी म्यूचुअल फंड की वैल्यू कैटेगरी में कुल एयूएम का अकेले करीब 26 पर्सेंट एसेट्स इसके पास ही है।

ऐसे मिला तगड़ा रिटर्न

अर्थलाभ डॉटकॉम के आंकड़े बताते हैं कि एक साल में ICICI प्रूडेंशियल वैल्यू ने 10 हजार रुपये को 14,312 रुपए बना दिया है, यानी करीब 43 फीसदी का रिटर्न दिया है, तीन साल में इसका रिटर्न सीएजीआर 27.28 फीसदी रहा है। 10 हजार का निवेश 20,645 रुपये हो गया है जो दोगुना से भी ज्यादा है, पांच साल में यही रकम 32 हजार से ज्यादा हो गई है जो 26 फीसदी सीएजीआर का रिटर्न दिखाता है।

एसआईपी का रिटर्न

इस फंड में अगर SIP के निवेश को देखें तो इसने भी कमाल का फायदा दिया है, अर्थलाभ डॉटकॉम के मुताबिक, फंड की शुरुआत से SIP के माध्यम से 10,000 रुपये का मासिक निवेश 31 जुलाई तक 2.30 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि वास्तविक निवेश केवल 24 लाख रुपये रहा है, यानी 19.41% का सीएजीआर रिटर्न मिला है। निफ्टी 50 TRI में समान निवेश से केवल 14.21% का सीएजीआर फायदा मिला है।

दो दशकों से शानदार प्रदर्शन

पिछले दो दशकों में, ICICI प्रूडेंशियल वैल्यू डिस्कवरी फंड के प्रदर्शन ने प्रदर्शित किया है कि वैल्यू निवेश वास्तव में भारत जैसे विकास बाजार में काम कर सकता है, जबकि खराब प्रदर्शन वाले चरण जैसे कि मई 2006 से फरवरी 2009 के बीच और फिर 2016 से 2018 तक दीर्घकालिक परिणाम वैल्यू निवेश की स्थायी ताकत को दिखाते हैं। हमें विश्वास है कि रुक-रुक कर आने वाले खराब चरणों के बावजूद वैल्यू निवेश की लंबी संभावनाएं मजबूत है।

लंबी अवधि का नजरिया

20 साल पूरे होने के मौके पर ICICI प्रूडेंशियल एएमसी के एमडी और CEO निमेश शाह का कहना है कि यह पहचानना जरूरी है कि वैल्यू इन्वेस्टिंग के लिए धैर्य की जरूरत होती है, क्योंकि इसका पूरा फायदा मिलने में समय लग सकता है। ICICI प्रूडेंशियल वैल्यू डिस्कवरी फंड के सफर ने दिखाया है कि वैल्यू इन्वेस्टिंग का तरीका भारतीय बाजार में भी कारगर है। हमें गर्व है कि इस स्कीम ने धैर्यवान निवेशकों को लंबी अवधि में लगातार संपत्ति हासिल करने में मदद की है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के कार्यकारी निदेशक और मुख्य निवेश अधिकारी एस नरेन ने कहा, जब आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने 2004 में अपना वैल्यू डिस्कवरी फंड लॉन्च किया था, तो इस बात पर संदेह था कि क्या भारत जैसे विकासशील बाजार में वैल्यू इन्वेस्टिंग फल-फूल सकती है। हालांकि, हमारा विश्वास इस तथ्य पर आधारित था कि वैल्यू इन्वेस्टिंग, जो अमेरिका जैसी अन्य विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में सफल साबित हुई थी, यहां भी अपनी जगह बनाएगी।

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