Sunday, February 8, 2026
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दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर SC करेगा सुनवाई

दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में लगातार बना हुआ है, जिससे स्वास्थ्य पर गहरा खतरा पैदा हो रहा है। इसी संदर्भ में आज (17 दिसंबर 2025) सुप्रीम कोर्ट में एक अहम सुनवाई तय की गई है जिसमें अदालत इस प्रदूषण संकट पर कड़े निर्णय लेने की तैयारी कर रही है।

-सुप्रीम कोर्ट का रुख और आज की सुनवाई

• शीर्ष अदालत ने दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से जुड़ी जनहित याचिका पर 17 दिसंबर को सुनवाई की तारीख निर्धारित की है और कहा है कि वह ऐसे प्रभावी आदेश जारी करेगी जिन्हें जमीन पर लागू किया जा सके।

• सुप्रीम कोर्ट पहले भी इस मुद्दे पर कई सुनवाई कर चुकी है, और प्रदूषण की गंभीरता पर कड़ी टिप्पणियाँ की हैं, जैसे कि अमीरों की जीवनशैली से उत्पन्न समस्या का बोझ गरीबों पर पड़ता है।

• इस दौरान कोर्ट ने सुझाव दिया है कि प्रदूषण स्तर जब ‘गंभीर’ हो तो ओफिसियल और पब्लिक कार्यों में मॉडिफिकेशन पर भी विचार होना चाहिए।

दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता और हालात

• दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार ‘गंभीर’ स्तर तक पहुंच चुका है, जिससे सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और स्वास्थ्य जोखिम बढ़ रहे हैं।

• प्रदूषण के मुख्य कारणों में वाहन उत्सर्जन, निर्माण-धूल, औद्योगिक प्रदूषण और मौसम की स्थिति शामिल हैं, जिनसे हवा में जहरीली औद्योगिक और पीएम2.5 कणों का स्तर ऊँचा बना हुआ है।

• इसी स्थिति के कारण AIIMS और सुप्रीम कोर्ट तक चिंता व्यक्त की गई है कि लोग जहरीली हवा से बचने के लिए दिल्ली छोड़ने तक को मजबूर हैं।

अदालत के प्राथमिक मुद्दे

आज की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट मुख्य रुप से निम्नलिखित मुद्दों पर विचार कर सकती है:

✔️ वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए और सख्त कदम
✔️ ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) की समीक्षा और लागू-आदेश
✔️ पराली जलाने, उद्योग, वाहनों और निर्माण गतिविधियों पर नियंत्रण
✔️ सरकारी एजेंसियों को प्रभावी ढंग से लागू आदेश देना
✔️ गरीबों और कमजोर वर्गों पर प्रदूषण के प्रभाव को कम करने के उपाय

कुछ पृष्ठभूमि

• सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी कहा है कि कुछ मौजूदा उपाय पर्याप्त नहीं हैं और नियमित निगरानी तथा सुनवाई के साथ समस्याओं का स्थायी समाधान चाहिए।

• दिल्ली-NCR में प्रदूषण पर हाल ही में राजनीतिक बहसें और आलोचना भी हुई है, जिसमें पंजाब और हरियाणा समेत अन्य राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण उपायों पर भी प्रश्न उठे हैं।

लोगों पर स्वास्थ्य प्रभाव

• गंभीर AQI का स्तर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर स्वास्थ्य वालों के लिए गंभीर जोखिम पैदा करता है, जैसे सांस की तकलीफ, हृदय-फेफड़े की समस्याएँ और अन्य स्वास्थ्य संकट।

• अदालत और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को बाहर कदम रखते समय मास्क पहनने और ज़रूरी सावधानियाँ बरतने की सलाह दी है।

अब आगे क्या उम्मीद?

• आज सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई हलचल पैदा कर सकती है और संभवतः नए निर्देश, प्रतिबंध या निगरानी-योजना जारी की जा सकती है।

• अदालत संभवतः प्रदूषण नियंत्रण के लिए नए उपायों और सख्त कार्ययोजनाओं को आगे बढ़ाएगी ताकि दिल्ली-NCR की हवा की गुणवत्ता में स्थायी सुधार आए।

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