Sunday, February 8, 2026
Google search engine
HomeCurrent Newsभारत का एकमात्र ऐसा राज्य जिसकी जनता को नहीं देना पड़ता सरकार...

भारत का एकमात्र ऐसा राज्य जिसकी जनता को नहीं देना पड़ता सरकार को इनकम टैक्स

1 फरवरी को देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करने वाली हैं। ऐसे में जनता की निगाहे इस बार भी अपनी कमाई पर लगने वाले टैक्स होगी। आयकर को लेकर सरकार क्या फैसला लेगी ये तो 1 फरवरी को ही पता चल पाएगा लेकिन क्या आपको पता है हमारे देश में एक ऐसा भी राज्य है जहां के लोग सरकार को अपनी आय का एक रुपया भी टैक्स के तौर पर नहीं देते।

दरअसल, भारतीय आयकर अधिनियम की धारा 10 (26AAA) के तहत, सिक्किम भारत का एकमात्र राज्य है जिसके नागरिकों को केंद्र सरकार को आयकर का भुगतान नहीं करना पड़ता। यह छूट सिक्किम की ऐतिहासिक और कानूनी विशेषताओं के कारण दी गई है।

क्या है इतिहास ?

सिक्किम लगभग 330 वर्षों तक एक स्वतंत्र रियासत था और भारत की स्वतंत्रता के बाद भी यह एक अलग अस्तित्व बनाए हुए था। 1975 में एक जनमत संग्रह के बाद, सिक्किम का भारत में विलय हुआ और यह भारत का 22वां राज्य बन गया। यह विलय एक महत्वपूर्ण शर्त के साथ हुआ था कि सिक्किम की पुरानी कर संरचना भारत में विलय के बाद भी बनी रहेगी

सिक्किम को कर छूट

सिक्किम के नागरिकों को करों से छूट देने के लिए भारतीय आयकर अधिनियम, 1961 में धारा 10 (26AAA) को जोड़ा गया। इसके तहत, सिक्किम के निवासियों को उनकी आय की परवाह किए बिना केंद्र सरकार को आयकर का भुगतान करने से छूट दी गई है।

इस कर छूट के प्रमुख बिंदु:

  1. केवल सिक्किम के मूल निवासी लाभान्वित होते हैं:

    • केवल वे लोग जो सिक्किम सब्जेक्ट्स रजिस्टर में पंजीकृत हैं या उनके पूर्वज इस सूची में दर्ज थे, इस छूट का लाभ उठा सकते हैं।
  2. आय के स्रोत की कोई सीमा नहीं:

    • सिक्किम के निवासियों को उनकी आय के स्तर या स्रोत की परवाह किए बिना आयकर से छूट प्राप्त है।
  3. सिक्किम की पुरानी कर संरचना बनी रहेगी:

    • सिक्किम राज्य सरकार अपनी आंतरिक कर नीति बनाए रख सकती है, लेकिन केंद्र सरकार को किसी भी प्रकार का कर नहीं देना पड़ता।

सिक्किम का आर्थिक परिदृश्य और कर छूट का प्रभाव

चूंकि सिक्किम में कोई केंद्रीय कर नहीं लगता, यह राज्य भारत के अन्य हिस्सों से आर्थिक रूप से अलग तरह से कार्य करता है।

  • सिक्किम में व्यापार और उद्योगों को बढ़ावा मिला है, क्योंकि कर का बोझ कम है।
  • पर्यटन, जलविद्युत परियोजनाओं और कृषि क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है।
  • हालांकि, यह कर छूट कुछ हद तक केंद्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता को प्रभावित करती है।
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments