भारत और पाकिस्तान के बीच शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर महत्वपूर्ण फ्लैग मीटिंग हुई। इस मीटिंग का उद्देश्य सीमा पार से बढ़ती गोलीबारी और हालिया आईईडी हमलों के कारण उपजे तनाव को कम करना था। दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों ने करीब 75 मिनट तक बातचीत की और सीमा पर शांति बनाए रखने की जरूरत पर सहमति जताई।
सीजफायर बनाए रखने पर सहमति
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने 2021 से जारी संघर्ष विराम (Ceasefire Agreement) को बनाए रखने पर चर्चा की। इसके अलावा, सीमा पर तनाव कम करने, गोलीबारी की घटनाओं पर नियंत्रण और LoC को स्थिर बनाए रखने के उपायों पर सहमति बनी। भारतीय सेना की ओर से पुंछ ब्रिगेड के कमांडर शामिल हुए, जबकि पाकिस्तान की ओर से दो ब्रिगेड कमांडरों ने बैठक में हिस्सा लिया।
दो साल बाद हुई फ्लैग मीटिंग
भारत और पाकिस्तान के बीच फ्लैग मीटिंग का सिलसिला पिछले कुछ वर्षों में काफी कम हो गया है। इससे पहले 2021 में आखिरी बार दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों की बैठक हुई थी। लेकिन हाल ही में LoC पर बढ़ते संघर्ष और पाकिस्तान की ओर से लगातार संघर्षविराम के उल्लंघन के कारण यह बैठक आवश्यक मानी गई।
LoC पर बढ़ रहा तनाव
हाल के दिनों में पाकिस्तान की ओर से लगातार संघर्षविराम उल्लंघन की घटनाएं बढ़ी हैं। 11 फरवरी को जम्मू के अखनूर सेक्टर में एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) विस्फोट में भारतीय सेना के एक कैप्टन और एक जवान शहीद हो गए थे। इसके अलावा, राजौरी में भी सीमा पार से फायरिंग की गई, जिसका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया।
भारतीय सेना पूरी तरह मुस्तैद
भारतीय सेना और सुरक्षा एजेंसियां लगातार नियंत्रण रेखा पर निगरानी रख रही हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारतीय सेना पूरी तरह तैयार है। पाकिस्तान की नापाक हरकतों का भारत ने हर बार मुंहतोड़ जवाब दिया है और भविष्य में भी किसी भी उकसावे का कड़ा प्रतिरोध किया जाएगा।
क्या शांति बहाल होगी?
भारत-पाकिस्तान के बीच इस बैठक को शांति प्रयासों के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पाकिस्तान संघर्षविराम बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता पर कितना कायम रहता है। भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि यदि पाकिस्तान कोई भी नापाक हरकत करता है, तो उसे कड़ा जवाब मिलेगा।



