Sonbhadra Mining Accident : सोनभद्र में खदान आदसे को हुए आज तीसरा दिन हो गया है। मारकुंडी घाटी में खदान हादसे के तीसरे दिन तक शवों का मिलना जारी है। इस चट्टान हादसे में जांच पड़ताल की जा रही है और पुलिस अभी तक इस घटना के आरोपी को पकड़ने में नाकामयाब होने के चलते सवालों के घेरे में है। पुलिस की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई कार्रवाई की खबर सामने नहीं आई है।
क्या है मामला ?
यह दुर्घटना श्री कृष्णा माइनिंग वर्क्स खदान में हुई जब ड्रिलिंग के दौरान एक बड़ी चट्टान अचानक ढह गई। घटना के समय खदान में लगभग 15 मज़दूर मौजूद थे। कई मज़दूर चट्टानों के नीचे दब गए, जबकि कुछ अपनी जान बचाकर भागे। ज़िला प्रशासन, पुलिस और बचाव दल को तुरंत दुर्घटना की सूचना दी गई और मलबा हटाने का काम शुरू हो गया।
आपको बता दें कि, सोनभद्र में ओबरा के बिल्ली मारकुंडी खदान क्षेत्र में शनिवार को ड्रिंलिंग के दौरान हुए हादसे के दो दिन बाद पांच मजदूरों के शव बरामद किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, इस घटना में अपनी जान गंवाने वाले राजू सिंह गोड़ का शव रविवार को ही मिल गया था। राजू सिंह ओबरा थाना क्षेत्र के परसोई ग्राम पंचायत के अमरिनिया टोल के रहने वाले थे। इसके साथ ही आज यानी सोमवार की सुबह करमसार टोला के निवासी दो सगे भाईयों संतोष यादव और इंद्रजीत यादव के साथ कोन थाना क्षेत्र के कचनरवा गांव के रहने वाले रविंद्र उर्फ नानक के बेटे राजकुमार का शव बरामद किया जा चुका है।
विशाल चट्टान बनी जानलेवा
राहत दल के अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे मामले में विशाल चट्टान मलबे के बीच मुसीबत बनी हुई है। ये घटना इतनी भयानक थी कि चट्टान की चपेट में आए मजदूरों को निकालने के साथ-साथ अभी कितने मजदूर अभी तक फंसे हुए हैं ये अनुमान लगाना इस वक्त मुश्किल है। इसके साथ ही जिला मजिस्ट्रेट की ओर से लगातार कैंप लगाकर राहत अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें निगरानी रखने के साथ ही अतिरिक्त संसाधन भी मुहैया कराए जा रहे हैं।
खदान की सुरक्षा पर उठे सवाल ?
दुर्घटना के बाद, खदान में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, अधिकारियों ने ड्रिलिंग प्रक्रियाओं, उपकरणों और सुरक्षा उपायों की समीक्षा के लिए एक जाँच दल का गठन किया है।
बचाव के लिए 100 से ज़्यादा कर्मी मौजूद
सोनभद्र जिले में हुए हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है आपको बता दें कि एसपी स्वयं मौके पर मौजूद रहकर पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। इस वक्त घटनास्थल पर 10 पोकलेन मशीनें, NDRF, SDRF के साथ पुलिस की 100 से ज़्यादा मेम्बर्स की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं।



