साल 2025 को अलविदा कहने और 2026 के स्वागत के लिए कश्मीर पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है। घाटी में इन दिनों उत्सव का माहौल है और देशभर से पहुंचे पर्यटकों ने प्रमुख पर्यटन स्थलों को लगभग हाउसफुल कर दिया है। हालांकि, नए साल का जश्न मनाने की योजना बना रहे सैलानियों को रिकॉर्ड भीड़ और कड़ाके की ठंड को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
कश्मीर पहुंचने वाले ज्यादातर पर्यटकों की सबसे बड़ी ख्वाहिश बर्फबारी देखने की है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 31 दिसंबर की रात और 1 जनवरी को गुलमर्ग, सोनमर्ग और पहलगाम जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है। ‘व्हाइट न्यू ईयर’ की इसी उम्मीद ने सैलानियों का उत्साह और बढ़ा दिया है। पर्यटन विभाग के अनुसार, गुलमर्ग और पहलगाम में होटल, हटमेंट्स और होमस्टे लगभग पूरी तरह बुक हो चुके हैं। स्की रिसॉर्ट्स और गोंडोला राइड के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। कड़ाके की ठंड के बावजूद पर्यटक लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। वहीं, डल झील में शिकारा सवारी और शाम के समय आयोजित विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम भी सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
रिकॉर्ड तोड़ पर्यटन से स्थानीय व्यापारियों, होटल कारोबारियों और हस्तशिल्प कारीगरों के चेहरों पर रौनक है। पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार विंटर टूरिज्म में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पर्यटकों के स्वागत के लिए कई होटलों में कश्मीरी वाज़वान और पारंपरिक संगीत-सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विशेष इंतजाम किया गया है। भारी भीड़ और संभावित बर्फबारी को देखते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात के कड़े इंतजाम किए हैं। तंगमर्ग से गुलमर्ग जाने वाले वाहनों के लिए एंटी-स्किड चेन अनिवार्य कर दी गई है ताकि फिसलन भरी सड़कों पर हादसों से बचा जा सके। साथ ही, अत्यधिक ठंड के मद्देनजर रिसॉर्ट्स और होटलों में बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
कुल मिलाकर, नए साल की दहलीज पर कश्मीर बर्फ, जश्न और सैलानियों की रौनक से सराबोर नजर आ रहा है।



