रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का भारत दौरा इस बार कई मायनों में बेहद खास साबित हुआ। गुरुवार रात (4 दिसंबर 2025) जब पुतिन का विमान दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उतरा, तो एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला। तय कूटनीतिक प्रोटोकॉल से हटकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं एयरपोर्ट पहुंचे और गर्मजोशी से गले मिलकर पुतिन का स्वागत किया। यह क्षण भारत-रूस रिश्तों की गहराई और भरोसे का प्रतीक बन गया।
फॉर्च्यूनर में साथ सफर – विश्व मीडिया में बना मुद्दा
एयरपोर्ट से निकलते ही दोनों नेता जिस कार में सवार हुए, उसने वैश्विक मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। भारी सुरक्षा वाले बख्तरबंद काफिले की जगह दोनों नेता साधारण दिखने वाली सफेद टोयोटा फॉर्च्यूनर में साथ बैठे नजर आए। MH01 EN 5795 नंबर वाली यह टोयोटा फॉर्च्यूनर सिग्मा 4 एमटी, अप्रैल 2024 में रजिस्टर्ड हुई थी और इसकी कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, उच्चस्तरीय विदेशी मेहमानों के लिए ऐसी गाड़ी का चयन असामान्य है, जिससे यह तस्वीर तुरंत वायरल हो गई। इसे दोनों नेताओं के बीच असाधारण व्यक्तिगत भरोसे का संकेत माना जा रहा है।
Aurus Senat क्यों नहीं लाई गई?
राष्ट्रपति पुतिन दुनिया के चुनिंदा नेताओं में हैं जो विदेश यात्राओं पर अपनी उच्च सुरक्षा वाली Aurus Senat कार साथ लेकर चलते हैं। बावजूद इसके, इस बार उन्होंने भारत में इसका इस्तेमाल नहीं किया। विश्लेषकों का कहना है कि यह फैसला भारत की सुरक्षा व्यवस्थाओं में पुतिन के विश्वास और मोदी–पुतिन की व्यक्तिगत समीपता को दर्शाता है।
एक ही कार में सफर – कूटनीतिक परंपराओं से हटकर एक बड़ा संदेश
परंपरागत रूप से राज्य प्रमुख अलग-अलग वाहनों में चलते हैं, लेकिन मोदी और पुतिन का एक ही कार में सफर करना अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल से इतर एक असाधारण दृश्य था। विदेश नीति विशेषज्ञों के अनुसार, यह इस बात का संकेत है कि दोनों नेता न सिर्फ रणनीतिक साझेदार हैं, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर भी उन्हें एक-दूसरे पर गहरा भरोसा है। कई वैश्विक मीडिया संस्थानों ने इसे यात्रा का “सबसे प्रतीकात्मक क्षण” बताया।
पीएम आवास पर विशेष इंतज़ाम
लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास में पुतिन के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गई थीं। परिसर को भारत और रूस के झंडों से सजाया गया था। सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों पर और कड़ा कर दिया गया था तथा आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक रूट बदले गए। ये व्यवस्थाएँ इस यात्रा को भारत द्वारा दिए जा रहे महत्व को स्पष्ट करती हैं।
दौरे का एजेंडा – रक्षा, ऊर्जा और व्यापार पर गहन चर्चा
राष्ट्रपति पुतिन का यह दौरा दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर केंद्रित है। प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठकों में रक्षा सहयोग, ऊर्जा समझौतों, परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं और व्यापारिक विस्तार पर विस्तृत बातचीत प्रस्तावित है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में यह यात्रा भारत की संतुलित कूटनीतिक रणनीति को मजबूत करती है, जहां वह अमेरिका और रूस दोनों के साथ अपने हितों के अनुरूप संबंध कायम रखे हुए है।
पुतिन का यह दौरा सिर्फ राजनीतिक या रणनीतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक तौर पर भी भारत-रूस रिश्तों के नए आयामों को उजागर करता है।



