Sunday, February 8, 2026
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Punjab : जालंधर में शुरु हुआ मतदान, 9 चुनाव चिन्हों पर सियासी जंग जारी…

जालंधर जिले के गांव कंगनीवाल में पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव के तहत मतदान की प्रक्रिया विधिवत रूप से शुरू हो गई है। मतदान शुरू होने से करीब आधा घंटा पहले ही 84 वर्षीय बुजुर्ग मतदाता मतदान केंद्र पर पहुंच गए। बुजुर्ग मतदाता ने बताया कि मतदान को लेकर उनमें विशेष उत्साह था, इसलिए वे सबसे पहले वोट डालने पहुंचे।

उन्होंने कहा कि मतदान लोकतंत्र की नींव है और इसके जरिए देश के विकास को गति मिलती है। उन्होंने सभी नागरिकों से समय पर मतदान करने और अपने मताधिकार का उपयोग कर लोकतंत्र को मजबूत करने की अपील की।

बैलेट पेपर से हो रहा है मतदान

इस बार जालंधर में जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव पूरी तरह बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जा रहे हैं। चुनाव न सिर्फ उम्मीदवारों के लिहाज से दिलचस्प हैं, बल्कि बैलेट पेपर पर छपे चुनाव निशान भी मतदाताओं के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।

जिले में 21 जिला परिषद और 11 पंचायत समिति क्षेत्रों के कुल 188 जोन के लिए मतदान हो रहा है। इसके लिए 1209 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, जहां जिले के 8 लाख 30 हजार 669 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

669 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर

इन चुनावों में कुल 669 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनका भविष्य मतदाताओं के फैसले पर निर्भर करेगा। मतदान प्रक्रिया के शुरुआती घंटों में ही जिले के सभी 1209 पोलिंग बूथों पर 7.1 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है।

बैलेट पेपर पर 9 चुनाव चिन्ह

चुनाव की तैयारियों और बैलेट पेपर से जुड़ी अहम जानकारियां साझा करते हुए एडिशनल डिप्टी कमिश्नर-कम-एडिशनल इलेक्शन ऑफिसर अमनिंदर कौर बराड़ ने बताया कि इस बार बैलेट पेपर पर कुल 9 चुनाव चिन्ह दिए गए हैं।

इनमें प्रमुख राजनीतिक दलों के पारंपरिक चुनाव निशानों के साथ-साथ आज़ाद उम्मीदवारों के चिन्ह और NOTA का विकल्प भी शामिल है। मतदाता इन 9 चिन्हों में से किसी एक पर मुहर लगाकर अपनी पसंद का उम्मीदवार चुन सकते हैं।

अमनिंदर कौर बराड़ के अनुसार, चुनाव में शामिल प्रमुख राजनीतिक दलों के आधिकारिक चुनाव चिन्ह इस प्रकार हैं:

आम आदमी पार्टी – झाड़ू

कांग्रेस – पंजा

शिरोमणि अकाली दल – तराजू

भारतीय जनता पार्टी – कमल का फूल

बहुजन समाज पार्टी – हाथी

इसके अलावा, चुनाव लड़ रहे आज़ाद उम्मीदवारों को पहचान के लिए ट्रक, जीप और स्टूल जैसे तीन अलग-अलग चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए हैं। मतपत्र पर NOTA का चिन्ह भी दिया गया है, ताकि मतदाता चाहें तो किसी भी उम्मीदवार को वोट न देने का विकल्प चुन सकें।

उम्मीदवारों की संख्या के अनुसार तय हुए चुनाव निशान

ए.डी.सी. अमनिंदर कौर बराड़ ने बताया कि जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों में अधिकतम 8 उम्मीदवार ही किसी एक सीट पर मैदान में हैं। इसी कारण बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों के लिए अधिकतम 8 चुनाव चिन्ह रखे गए, जबकि NOTA को अतिरिक्त विकल्प के रूप में शामिल किया गया, जिससे कुल चुनाव चिन्हों की संख्या 9 हो गई।

शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतदान की व्यवस्था

जिले के सभी 1209 पोलिंग बूथों पर मतदान के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संचालित की जा रही है। चूंकि चुनाव बैलेट पेपर से हो रहे हैं, इसलिए चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मचारियों को पहले ही विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, बैलेट पेपर से होने वाला यह चुनाव कई मायनों में अहम है। जहां एक ओर बड़ी राजनीतिक पार्टियां अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाने में जुटी हैं, वहीं दूसरी ओर आज़ाद उम्मीदवार स्थानीय मुद्दों और ग्रामीण इलाकों में पहचाने जाने वाले चुनाव चिन्हों के सहारे मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। ट्रक, जीप और स्टूल जैसे निशान गांवों में आसानी से पहचाने जाते हैं, जिसका उन्हें लाभ मिल सकता है।

लोकतंत्र का अहम दिन

कुल मिलाकर, जालंधर जिले में हो रहे जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव स्थानीय नेतृत्व के भविष्य के साथ-साथ आने वाले राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित करेंगे। 8.30 लाख से अधिक मतदाता, 669 उम्मीदवार और 9 चुनाव चिन्हों के साथ 14 दिसंबर को लोकतंत्र का एक और महत्वपूर्ण अध्याय लिखा जा रहा है।

यह भी पढ़ें : रामलीला मैदान में कांग्रेस की महारैली…

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