Tuesday, February 10, 2026
Google search engine
HomeCurrent Newsपंजाब सरकार की बड़ी पहल, AI तकनीक से होगी कैंसर और आंखों...

पंजाब सरकार की बड़ी पहल, AI तकनीक से होगी कैंसर और आंखों की जांच 

पंजाब सरकार अब तकनीक को जनता की भलाई का सबसे बड़ा हथियार बना चुकी है। पंजाब अब सिर्फ राजनीति से नहीं, तकनीक से भी बदलेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने एक और ऐतिहासिक पहल की है। पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है, जहाँ ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और आँखों की खामियों की जांच के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित उपकरण लॉन्च कर दिए गए हैं।

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने चंडीगढ़ म्युनिसिपल भवन से किया। इस अवसर पर बोलते हुए, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मनुष्य प्रकृति की एक सुंदर रचना है और मनुष्य ने शरीर से जुड़ी कई तरह की लड़ाइयां लड़ी हैं। उन्होंने कहा कि कैंसर एक भयानक बीमारी है। इसलिए, लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार द्वारा यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है और अब ए.आई. के माध्यम से कैंसर और आंखों की जांच की जा सकेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार का लक्ष्य प्रतिदिन 600 आंखों की जांच और 300 छाती एवं सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग करना है।

सरकार का यह कदम न सिर्फ़ पंजाब की महिलाओं बल्कि पूरे समाज को एक नई सुरक्षा देगा, क्योंकि कैंसर जैसी घातक बीमारियों की समय पर पहचान ही इलाज का सबसे बड़ा हथियार है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सोच के अनुसार स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के लिए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने इन अत्याधुनिक AI आधारित स्क्रीनिंग डिवाइसों को लॉन्च किया।

लेकिन यह पहला मौका नहीं है जब पंजाब सरकार ने एआई को जनता की भलाई से जोड़ा है। पहले भी भगवंत मान सरकार ने एआई की ताकत से यह साबित किया है कि जब नीयत साफ़ हो और सोच आधुनिक हो, तो जनता का पैसा भी बच सकता है और सिस्टम भी सुधर सकता है।

कुछ ही समय पहले, पंजाब सरकार ने पूरे राज्य की 3,369 सड़कों का एआई और वीडियोग्राफी से सर्वे कराया। जांच में सामने आया कि इनमें से 843 सड़कें बिल्कुल सही हालत में थीं। यही वो सड़कें थीं, जिन पर पिछली सरकारें मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये बहा चुकी थीं। इस बार एआई सर्वे की बदौलत 383 करोड़ रुपये बचा लिए गए। यह पैसा अब जनता की भलाई में लगाया जाएगा, बेवजह के टेंडरों और भ्रष्ट मरम्मतों में नहीं।

सिर्फ सड़कें ही नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की मरम्मत शुरू की गई है। जेलों में 252 करोड़ की ओवरहॉलिंग हो रही है, जहाँ अब 5G जैमर, एआई कैमरे और लाइव मॉनिटरिंग सिस्टम लगे हैं। पुलिसिंग से लेकर टैक्स सिस्टम तक पारदर्शिता लाने के लिए तकनीक को पूरी तरह अपनाया गया है। अब ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट में दलाली की जगह एआई आधारित HAMS तकनीक है, जिससे हर उम्मीदवार की परीक्षा रिकॉर्ड होती है और रिज़ल्ट में कोई गड़बड़ी नहीं हो सकती।

मान सरकार की सबसे बड़ी और दूरगामी योजना शिक्षा के क्षेत्र में शुरू हुई है। 10,000 शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग दी जा रही है। ये शिक्षक सिर्फ़ पढ़ाने वाले नहीं, बल्कि ऐसे पायनियर बनेंगे जो आने वाली पीढ़ियों को एआई की भाषा सिखाएंगे। लाखों छात्रों को अब स्कूली स्तर पर ही एआई की ट्रेनिंग मिलेगी, जिससे पंजाब का नौजवान सिर्फ नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि खुद रोजगार पैदा करने वाला बनेगा।

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में एआई आधारित कोर्स शुरू किए गए हैं ताकि खेती से जुड़े परिवारों को भी आधुनिक तकनीक मिल सके। इतना ही नहीं, सरकार ने पंजाबी भाषा को भी एआई में इंटीग्रेट करने का मिशन शुरू किया है। इसका मकसद है हमारी मातृभाषा को वैश्विक पहचान दिलाना और स्थानीय युवाओं के लिए नए डिजिटल अवसर खोलना।

यह बदलाव केवल नीतियों का नहीं, सोच का है। अब विकास का मतलब सिर्फ सड़कों और इमारतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उस तकनीक तक पहुंच है जो हर नागरिक के जीवन को आसान बनाए। मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी सरकार ने साबित किया है कि जब सरकार की नीयत साफ़ हो और फैसले जनहित में हों, तो जनता का पैसा सुरक्षित भी रहता है और उसका भविष्य भी।

पंजाब अब एक नई दिशा में आगे बढ़ चुका है,जहाँ फैसले सिर्फ कागज़ों पर नहीं, बल्कि ज़मीन पर दिखते हैं। यह वही पंजाब है, जो अब घोटालों से नहीं, बल्कि ईमानदारी, तकनीक और विकास से पहचाना जाएगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments