पंजाब में भगवंत सिंह मान सरकार द्वारा शुरू की गई सड़क सुरक्षा फोर्स (SSF) ने दो साल में सड़क सुरक्षा की तस्वीर बदल दी है। इस विशेष फोर्स के कारण न सिर्फ हाईवे पर होने वाले सड़क हादसों में भारी कमी आई है।
ऑन-द-स्पॉट मौतों में करीब 50% की कमी
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2023 में जहां हाईवे पर ऑन-द-स्पॉट मौतों की संख्या 1,955 थी, वहीं 2024 में यह घटकर 1,016 रह गई, यानी एक साल में ही लगभग 50 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। SSF की समय पर कार्रवाई की वजह से अब तक 940 लोगों की जान बचाई जा चुकी है।
6 मिनट का रिस्पॉन्स टाइम बना सबसे बड़ी ताकत
सड़क सुरक्षा फोर्स की सबसे बड़ी खासियत इसका तेज रिस्पॉन्स टाइम है। हादसे की सूचना मिलते ही टीम औसतन 6 से 6.5 मिनट में मौके पर पहुंच जाती है। यही वजह है कि गंभीर रूप से घायल लोगों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जा सका और कई जान बच पाईं।
हर 30 किलोमीटर पर तैनाती
करीब 1,500 कर्मचारियों वाली यह फोर्स हाईवे पर हर 30 किलोमीटर के दायरे में तैनात है। SSF की गाड़ियों में एक्सीडेंट में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए कटर, प्राथमिक उपचार के लिए फर्स्ट एड किट और अन्य आधुनिक रेस्क्यू उपकरण मौजूद रहते हैं। फोर्स AI तकनीक और मजबूत बैकएंड सपोर्ट के साथ काम कर रही है, जिससे रिस्पॉन्स और कोऑर्डिनेशन बेहतर हुआ है।
हाईवे क्राइम पर भी लगी लगाम
सड़क सुरक्षा फोर्स की नियमित गश्त से हाईवे पर लूट, चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं में भी कमी दर्ज की गई है। रात के समय सफर करने वाले यात्रियों में अब सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है। हाईवे पर SSF की गाड़ियों की मौजूदगी लोगों को सुरक्षित महसूस कराती है।
लोगों की जान सर्वोपरि
आम आदमी पार्टी सरकार का कहना है कि सड़क सुरक्षा फोर्स इस सोच का नतीजा है कि सरकार के लिए आम लोगों की जान सबसे कीमती है। लंबे समय से जिस प्रभावी और समर्पित रोड सेफ्टी सिस्टम की जरूरत पंजाब को थी, उसे SSF ने काफी हद तक पूरा किया है। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में इस फोर्स को और मजबूत किया जाएगा, ताकि सड़क हादसों और अपराधों पर और प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।



