Sunday, February 8, 2026
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Punjab: श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश हुए कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध

पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार में ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री तरुणप्रीत सौंध सोमवार को अमृतसर पहुंचे, जहां उन्होंने श्री हरमंदिर साहिब परिसर स्थित श्री अकाल तख्त साहिब में हाजिरी लगाई। इस दौरान मंत्री हेरिटेज स्ट्रीट से नंगे पांव चलते हुए अकाल तख्त तक पहुंचे। श्री अकाल तख्त साहिब में मंत्री ने श्री आनंदपुर साहिब में स्थित भाई जीवन सिंह (जैता जी) की स्मारक तस्वीरों को लेकर उठे विवाद पर अपना पक्ष रखा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों के अनुरूप अब विभाग में ऐसे व्यक्ति की नियुक्ति की जाएगी, जिसे सिख सिद्धांतों की गहरी समझ हो और जो पंजाबी सांस्कृतिक विरासत से भली-भांति परिचित हो, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की चूक न हो। इसी पेशी के दौरान चीफ खालसा दीवान (CKD) के प्रमुख डॉ. इंद्रबीर निज्जर और दिल्ली शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) के एक सदस्य भी श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष उपस्थित हुए।

पेश होने के बाद क्या बोले मंत्री ?

पेशी के बाद मंत्री तरुणप्रीत सौंध ने कहा कि वह एक विनम्र सिख के रूप में श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में उपस्थित हुए और अपनी तथा अपने विभाग की ओर से पूरा स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के निर्देशानुसार वह मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से अनुरोध करेंगे कि पर्यटन विभाग में ऐसे अधिकारी को तैनात किया जाए, जिसे सिख मर्यादाओं और सिद्धांतों का ज्ञान हो।

मंत्री ने यह भी कहा कि जत्थेदार ने उनके और विभाग के स्पष्टीकरण को स्वीकार कर लिया है। साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की शहादत शताब्दी के आयोजन के दौरान भी सीएम मान ने धार्मिक मर्यादाओं के पालन को लेकर विशेष निर्देश दिए थे।

CKD प्रमुख बोले संविधान का पालन अनिवार्य

चीफ खालसा दीवान(CKD) के प्रमुख और विधायक डॉ. इंद्रबीर निज्जर ने कहा कि उनकी संस्था का एक स्पष्ट और लिखित संविधान है, जिसमें यह उल्लेख है कि इसके सभी सदस्य अमृतधारी होने चाहिए। यही बात अकाल तख्त जत्थेदार ने भी दोहराई, जिससे सभी सदस्य पूरी तरह सहमत हैं।

उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान में कोई सदस्य अमृतधारी नहीं है, तो उसे प्रेम, सम्मान और अपनत्व के साथ अमृत छकने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। किसी को संस्था से बाहर निकालने का विचार नहीं है, बल्कि सभी को गुरु के मार्ग से जोड़ने की भावना है। बैठक में भी यही संदेश सामने आया कि संविधान में जो प्रावधान हैं, उनका पालन करना संस्था का दायित्व है।

यह भी पढ़ें : अमृतसर में AAP सरपंच की दिनदहाड़े हत्या का मामला, CM मान ने DGP को दिए…

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