हर साल दीवाली के बाद दिल्ली और अन्य राज्यों में वायु गुणवत्ता में काफी गिरावट आती है। गुरुवार (31 अक्टूबर) को हरियाणा और पंजाब के कई क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) ‘खराब’ और ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया।

हरियाणा के इन इलाकों में 200 के पार AQI
- अंबाला – 201
- बहादुरगढ़ – 292
- भिवानी – 278
- बल्लभगढ़ – 211
- फरीदाबाद – 245
- कुरुक्षेत्र – 270
- पंचकूला – 202
- रोहतक – 222
- सोनीपत – 258
वहीं, पंजाब में विभिन्न इलाकों का AQI भी 200 पार दर्ज हुआ
- जालंधर: 256
- लुधियाना: 234
- मंडी गोबिंदगढ़: 266
- पटियाला: 244
- फिरोजपुर: 212
- बठिंडा: 236
- अमृतसर: 258
- तरनतारन: 220
मौसम विभाग के अनुसार, AQI के विभिन्न स्तरों को इस प्रकार वर्गीकृत किया गया है: 0-50 ‘अच्छा’, 51-100 ‘सामान्य’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बहुत खराब’, और 401-500 ‘गंभीर’ माना जाता है।
पंजाब में “हरित पटाखों” के जलाने की अनुमति दी गई थी, जिससे अधिकारियों का कहना है कि दीवाली के दिन कुछ समय के लिए इस प्रकार के पटाखे जलाने की इजाजत दी गई थी। पंजाब सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, दीवाली, गुरुपर्व, क्रिसमस, और नए साल की पूर्व संध्या पर केवल हरित पटाखों का उपयोग किया जा सकता है। ये पटाखे पर्यावरण के लिए हानिकारक तत्वों जैसे बेरियम, लवण, एंटीमनी, लिथियम, पारा, आर्सेनिक, सीसा, या स्ट्रोंटियम क्रोमेट से मुक्त होने चाहिए। अनुमान लगाया जा रहा है कि नए साल के समय वायु गुणवत्ता और भी खराब हो सकती है।