Friday, February 6, 2026
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संसद पर आतंकी हमले की 24वीं बरसी, PM मोदी समेत कई नेताओं ने शहीदों को किया नमन

संसद भवन पर हमले की आज 24वीं बरसी है। देश उन वीर सपूतों को याद कर रहा है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना आतंकियों को मंसूबों को नाकामयाब कर दिया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, पीएम नरेंद्र, मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सोनिया गांधी समेत कई नेताओं ने शहीदों को याद कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आज का दिन आतंकवाद के खिलाफ हमारे सुरक्षाबलों के उस अदम्य शौर्य व साहस को फिर से स्मरण करने का दिन है, जब वर्ष 2001 में विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के मंदिर, हमारे संसद भवन पर हुए कायराना आतंकी हमले को उन्होंने अपने जज्बे से नाकाम किया। आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए वीरगति को प्राप्त होने वाले सुरक्षा बलों के जवानों को नमन करता हूं। यह राष्ट्र वीर सेनानियों के त्याग व बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।”

बहादुर सुरक्षाकर्मियों को दिल से श्रद्धांजलि…

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “संसद भवन पर हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले के दौरान अटूट ढाल बनकर खड़े रहने वाले बहादुर सुरक्षाकर्मियों को याद कर रहा हूं और उन्हें दिल से श्रद्धांजलि दे रहा हूं। उन्होंने हमारे लोकतंत्र की आत्मा की रक्षा के लिए अपनी जान दे दी। उनका साहस, सर्वोच्च बलिदान और कर्तव्य के प्रति अटूट भावना हमेशा देश की चेतना में जीवित रहेगी और भारत के संकल्प को प्रेरित करेगी।

राहुल गांधी ने क्या कहा?

संसद भवन पर 2001 में हुए दुस्साहसी आतंकवादी हमले के दौरान देश के सम्मान की रक्षा करने वाले शहीद जवानों को कोटि कोटि नमन और विनम्र श्रद्धांजलि। भारत आपका यह बलिदान हमेशा याद रखेगा और इससे देशप्रेम की प्रेरणा लेता रहेगा।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “आज हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है, जब संसद पर हमला हुआ था और उसमें हमारे जो सुरक्षाबल शहीद हो गए, उन्हें हम हर साल संसद परिसर में श्रद्धांजलि देते हैं। उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और संसद के सभी सदस्य उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं। हम कभी नहीं भूल सकते कि जब आतंकियों ने लोकतंत्र के इस मंदिर पर हमला किया था तब इन बहादूरों ने अपनी जान देकर लोकतंत्र के इस मंदिर को बचाया था। आज हम उन्हें श्रद्धांजलि देने आए हैं।”

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