Sunday, February 8, 2026
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नितिन नबीन के शुभ कदमों से बीजेपी में दौड़ी खुशियां, साउथ से दिनाकरन की पार्टी बनी NDA की साझेदार

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) के प्रमुख टीटीवी दिनाकरण भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने की तैयारी में हैं। इसी सिलसिले में दिनाकरण आज केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता पीयूष गोयल से मुलाकात करेंगे, जो इस समय तमिलनाडु के दौरे पर हैं।

पीयूष गोयल राज्य में बीजेपी के चुनाव प्रभारी हैं, ऐसे में इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। दिनाकरण ने इस राजनीतिक कदम को तमिलनाडु और अपनी पार्टी के लिए “नई शुरुआत” बताया है। उनका कहना है कि वे राज्य में ऐसा सुशासन और प्रशासनिक मॉडल स्थापित करने के प्रयासों का समर्थन करेंगे, जिसकी जनता लंबे समय से अपेक्षा कर रही है।

AIADMK के साथ चले आ रहे मतभेदों पर प्रतिक्रिया देते हुए दिनाकरण ने कहा कि यह केवल “साझेदारों के बीच का विवाद” था और बीती बातों को पकड़े रहकर राज्य के भविष्य से समझौता नहीं किया जा सकता। जयललिता के कट्टर अनुयायी होने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उनका अंतिम लक्ष्य तमिलनाडु में फिर से ‘अम्मा’ के विचारों और शासन मॉडल को स्थापित करना है।

मई 2026 में खत्म होगा विधानसभा कार्यकाल

तमिलनाडु विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 10 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। एक ओर मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली डीएमके सरकार के लिए यह अग्निपरीक्षा होगी, वहीं दूसरी ओर AIADMK सत्ता में वापसी के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। बीजेपी के साथ पुराने गठबंधन में आई दरार के बाद मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।

बैनरों पर दिखी दिनाकरण की मौजूदगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से पहले पीयूष गोयल चेन्नई पहुंचे हैं। दिलचस्प बात यह रही कि पीएम के स्वागत में लगाए गए कुछ बैनरों पर पहले से ही टीटीवी दिनाकरण की तस्वीरें नजर आईं, जिससे सियासी अटकलें और तेज हो गईं। गौरतलब है कि दिनाकरण पहले ईपीएस (एडप्पादी के. पलानीस्वामी) के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन को स्वीकार करने से इनकार कर चुके थे। सूत्रों के मुताबिक, NDA एक बार फिर DMDK को भी अपने साथ जोड़ने की कोशिशों में जुटा है।

समझौते की राजनीति और आगे की राह

गठबंधन को लेकर उठ रहे सवालों पर दिनाकरण ने साफ कहा कि समझौते करने वाले हमेशा हारते नहीं हैं। उनके अनुसार, पार्टी और राज्य के व्यापक हित में लिया गया फैसला कभी नुकसानदेह नहीं हो सकता। उन्होंने AIADMK के साथ चले आ रहे विवाद को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने की जरूरत पर जोर दिया, ताकि तमिलनाडु की जनता को एक मजबूत और भरोसेमंद राजनीतिक विकल्प दिया जा सके।

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