Monday, February 9, 2026
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मेहुल चोकसी का आखिरी दांव गया खाली, भारत लाने का रास्ता हुआ साफ

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) फ्रॉड केस के मुख्य आरोपी मेहुल चोकसी को भारत वापस लाने में काफी प्रोग्रेस हुई है। बेल्जियम की सुप्रीम कोर्ट (कोर्ट ऑफ कैसेशन) ने एंटवर्प कोर्ट ऑफ अपील्स के फैसले के खिलाफ चोकसी की अपील खारिज कर दी है। उसे किसी भी समय भारत वापस लाया जा सकता है।

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के मुख्य आरोपी मेहुल चोकसी को भारत वापस लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। बेल्जियम के सुप्रीम कोर्ट (कोर्ट ऑफ कैसेशन) ने एंटवर्प कोर्ट ऑफ अपील्स के निर्णय के विरुद्ध दायर चोकसी की याचिका को खारिज कर दिया है।

30 अक्टूबर को कोर्ट में दाखिल की थी अपील

अधिकारियों के अनुसार, इस फैसले के बाद प्रत्यर्पण से जुड़ी कानूनी बाधाएँ समाप्त हो गई हैं और आवश्यक औपचारिकताओं के पूरा होते ही चोकसी को कभी भी भारत भेजा जा सकता है। चोकसी ने 17 अक्टूबर को आए अपीलीय अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए 30 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की थी।

चूंकि कोर्ट ऑफ कैसेशन केवल कानूनी बिंदुओं की जांच करता है, इसलिए इसी सीमित दायरे में चोकसी की अपील को आधारहीन मानकर खारिज कर दिया गया। इसके साथ ही प्रत्यर्पण आदेश पर लगी अस्थायी रोक भी हट गई।

एंटवर्प कोर्ट पहले ही यह निष्कर्ष दे चुकी है कि चोकसी पर लगाए गए आरोप – आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, गबन और जालसाजी भारतीय कानून में दंडनीय हैं तथा बेल्जियम कानून में इनके समकक्ष अपराध मौजूद हैं। इस प्रकार ‘डबल क्रिमिनैलिटी’ की शर्त भी पूरी हो जाती है। हालांकि, भारतीय दंड संहिता की धारा 201 का बेल्जियम कानून में कोई समान प्रावधान न होने के कारण उसे आरोपों से अलग रखा गया।

राजनीतिक उत्पीड़न के आरोप भी खारिज

चोकसी द्वारा राजनीतिक प्रताड़ना के दावों और एंटीगा से कथित अपहरण की कहानी को भी अदालत ने तथ्यहीन माना। वहीं, भारतीय अधिकारियों ने अदालत को उसकी स्वास्थ्य-सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर विस्तृत आश्वासन दिए। कोर्ट ने दर्ज किया कि मुंबई की आर्थर रोड जेल की बैरक नंबर 12 में उसे उचित स्वच्छता सुविधाएँ उपलब्ध होंगी और मेडिकल जरूरतों व अदालत पेशियों के अलावा उसकी आवाजाही नियंत्रित रहेगी।

11 अप्रैल को किया गया था गिरफ्तार

चोकसी को भारत द्वारा आधिकारिक प्रत्यर्पण अनुरोध भेजे जाने के बाद 11 अप्रैल 2025 को एंटवर्प में गिरफ्तार किया गया था। वह अपने भतीजे नीरव मोदी के साथ लगभग 13,000 करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले का सह-अभियुक्त है। अब जब सुप्रीम कोर्ट ने उसकी अंतिम कानूनी चुनौती भी नामंजूर कर दी है, तो बेल्जियम अधिकारियों का कहना है कि प्रत्यर्पण प्रक्रिया आगे बढ़ाने में कोई अड़चन शेष नहीं है। इससे भारत, मेहुल चोकसी को वापस लाने के पहले से कहीं अधिक नजदीक पहुंच गया है।

यह भी पढ़ें : दिल्ली से आरोपी अजय गुप्ता को किया गिरफ्तार…

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