Sunday, February 8, 2026
Google search engine
HomeCurrent Newsदिल्ली की रामलीला में मनोज तिवारी बने परशुराम, कहा- धार्मिक और नैतिक...

दिल्ली की रामलीला में मनोज तिवारी बने परशुराम, कहा- धार्मिक और नैतिक संदेशों से भरा है यह किरदार

दिल्ली की मशहूर लवकुश रामलीला कमेटी ने 3 अक्टूबर को भव्य रामलीला का आयोजन किया। इस साल नाटक में कई मशहूर चेहरे अलग-अलग किरदार निभाते नजर आए। रामलीला में शामिल होने वाले कुछ प्रमुख नामों में भाजपा सांसद मनोज तिवारी भी शामिल हैं, जिन्होंने परशुराम की भूमिका निभाई। मेकअप करवाते हुए उनका एक वीडियो भी वायरल हुआ, जिसमें वे पूछते हैं, “अच्छी लग रही है न?” और उनके आस-पास मौजूद लोग हंसते हुए जवाब देते हैं, “अच्छी लगेगी तो सेट हो जाएगी।”

सीता स्वयंवर का मंचन

इस रामलीला में सीता स्वयंवर का विशेष मंचन किया गया। इस दौरान भगवान शिव का धनुष तोड़ने के बाद परशुराम के क्रोध का दृश्य भी दिखाया गया। इस अहम किरदार को निभाते हुए मनोज तिवारी ने अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत लिया। उनके अभिनय ने परशुराम के क्रोध और शक्ति को प्रभावशाली तरीके से दर्शाया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह दृश्य रामायण की महत्वपूर्ण कहानी का हिस्सा है, जो न केवल धार्मिकता को दर्शाता है बल्कि सत्य और धर्म की स्थापना के लिए संघर्ष का संदेश भी देता है। इस प्रकार मंचन ने दर्शकों को एक गहन अनुभव प्रदान किया।

मनोज तिवारी की प्रतिक्रिया

मनोज तिवारी अपने किरदार से काफी खुश नजर आए। एक समाचार एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं रामलीला का समर्थन करता हूं और मुझे गर्व है कि मुझे इन रामलीलाओं में आमंत्रित किया जाता है। आज मैं परशुराम का किरदार निभा रहा हूं। हम एक महत्वपूर्ण संदेश देने जा रहे हैं।” मनोज तिवारी ने यह भी बताया कि परशुराम को भगवान विष्णु का छठा अवतार माना जाता है। उनका किरदार भारतीय संस्कृति में गहरे धार्मिक और नैतिक संदेशों से भरा हुआ है। तिवारी का अभिनय दर्शकों के लिए न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि उन्हें एक गहरा संदेश देने का माध्यम भी है।

इस रामलीला में भाजपा और आम आदमी पार्टी (आप) के कुछ अन्य नेताओं ने भी हिस्सा लिया।

  • विजेंद्र गुप्ता ने राजा जनक की भूमिका निभाई।
  • विजय जॉली ने ऋषि वशिष्ठ की भूमिका निभाई।
  • बृजेश गोयल ने मेघनाद की भूमिका निभाई।
  • अभिनेता हिमांशु सोनी भगवान राम, समीक्षा भटनागर सीता और केतन करंडे हनुमान की भूमिका में नजर आए।

इस प्रकार, दिल्ली में लव कुश रामलीला समिति का मंचन न केवल धार्मिकता को बढ़ावा देता है, बल्कि समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश भी देता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments