जम्मू की धरती से आतंकवाद का सफाया करने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार सख्त कदम उठा रही हैं। सेना के जवानों की बहादुरी और सतर्कता से आतंकियों की कमर टूट रही है। इसी कड़ी में बुधवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) इकाई ने एक अहम और व्यापक अभियान शुरू किया।
इस ऑपरेशन के तहत साइबर धोखाधड़ी और आतंकी फंडिंग में इस्तेमाल हो रहे म्यूल बैंक खातों के पूरे नेटवर्क को निशाने पर लिया गया। अकेले श्रीनगर में 10 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की गई, जबकि कश्मीर घाटी के अन्य इलाकों में भी एक साथ कई जगहों पर कार्रवाई हुई।
मजबूर लोगों के नाम पर चल रहा था खेल
खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई इस कार्रवाई का मकसद साइबर टेरर मॉड्यूल की आर्थिक नींव को कमजोर करना था। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ये म्यूल खाते अक्सर अनजान या मजबूर स्थानीय लोगों के नाम पर खोले जाते थे, जिन्हें बाद में अपराधी अपने नियंत्रण में लेकर अवैध पैसों के लेनदेन के लिए इस्तेमाल करते थे। इन पैसों का उपयोग आतंकी गतिविधियों के साथ-साथ देशभर में लोगों को निशाना बनाने वाले ऑनलाइन फ्रॉड में किया जा रहा था।
साइबर आतंक की जांच में मिले अहम सबूत
यह छापेमारी जारी साइबर टेरर जांच का हिस्सा है, जिसमें बड़ी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य हाथ लगे हैं। इनमें इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक से जुड़े दस्तावेज और संदिग्ध लेनदेन के रिकॉर्ड शामिल हैं। फिलहाल किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि कई संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस तरह के ऑपरेशन से आतंकवाद के वित्तीय नेटवर्क पर गहरी चोट पहुंचेगी और साइबर अपराधों पर भी लगाम लगेगी।
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