Sunday, February 8, 2026
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India-Canada Relations: ‘उच्चायुक्तों की होगी बहाली’, भारत-कनाडा का बड़ा फैसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच पहली औपचारिक मुलाकात कनाडा के कनानास्किस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन में हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने राजधानियों में उच्चायुक्तों की बहाली पर सहमति जताई। उन्होंने आपसी सहयोग को बेहद अहम बताया। वार्ता में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और विदेशी दमन जैसे मुद्दों पर सहयोग का वादा किया गया। मोदी ने इस मुलाकात को बेहद अहम बताया, जबकि कार्नी ने इसे सम्मानजनक बताया। यह मुलाकात कूटनीतिक गतिरोध को खत्म करने और विश्वास बहाली की दिशा में पहला मजबूत कदम साबित हुई।

भारत और कनाडा के पीएम के साथ हुई बैठक में आपसी तकनीक, शिक्षा, कृषि और ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में व्यापक संभावनाओं पर काम करने पर सहमति बनी है। खुद कार्नी ने एआई और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग की संभावना जताई है। इसके अलावा खालिस्तान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर स्पष्ट और मजबूत कूटनीतिक समझ क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मददगार साबित हो सकती है। आपको बता दें कि मार्क कार्नी द्वारा मोदी को जी7 के लिए आमंत्रित करना और खालिस्तान समर्थकों की आपत्ति को नजरअंदाज करना यह साफ करता है कि नई सरकार भारत को रणनीतिक सहयोगी के तौर पर देख रही है।

PM मार्क कार्नी और मोदी का बयान
कार्नी से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत और कनाडा के बीच संबंध कई मायनों में बहुत महत्वपूर्ण हैं। कई कनाडाई कंपनियों ने भारत में निवेश किया है। भारत और कनाडा के बीच संबंध लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं। इसके लिए हमें लोकतंत्र और मानवता को मजबूत करना होगा। कनाडाई पीएम ने कहा कि जी7 में प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी करना बहुत सम्मान की बात है। मुझे लगता है कि भारत 2018 से जी7 में आ रहा है और यह आपके देश, आपके नेतृत्व और उन मुद्दों के महत्व का प्रमाण है। हम ऊर्जा सुरक्षा, ऊर्जा संक्रमण, एआई भविष्य, अंतरराष्ट्रीय दमन और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और अन्य मुद्दों से मिलकर निपटना चाहते हैं। हम साथ मिलकर काम कर सकते हैं, आपका यहां होना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है।

हाल के दिनों में भारत-कनाडा के बीच संबंध
हाल के दिनों में भारत और कनाडा के बीच रिश्ते सामान्य नहीं रहे हैं। खासकर 18 सितंबर 2023 को जब कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत का हाथ होने का आरोप लगाया तो दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। इस विवाद के चलते भारत ने कनाडा के छह अधिकारियों को निष्कासित कर दिया। कनाडा ने भारतीय उच्चायुक्त समेत अधिकारियों की राजनयिक छूट भी खत्म कर दी। अक्टूबर 2024 तक दोनों देशों में कोई उच्चायुक्त तैनात नहीं किया गया। इस घटनाक्रम ने दशकों पुराने रिश्तों में अस्थिरता और अविश्वास का माहौल पैदा कर दिया।

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