हरियाणा में नए पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति को लेकर राज्य सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। सरकार ने 5 वरिष्ठ IPS अफसरों के नामों का पैनल तैयार कर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेज दिया है। अब UPSC इस सूची में से 3 नामों की छंटनी कर राज्य सरकार को भेजेगा, जिनमें से किसी एक को हरियाणा का नया DGP बनाया जाएगा।
DGP की रेस में अजय सिंघल
सूत्रों के मुताबिक DGP की रेस में अजय सिंघल, आलोक मित्तल और ए.एस. चावला के नाम सबसे प्रमुख हैं। हालांकि असली मुकाबला आलोक मित्तल और अजय सिंघल के बीच माना जा रहा है। दोनों ही वरिष्ठ अधिकारी हैं और हरियाणा पुलिस के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। हालांकि पैनल में शामिल छुट्टी पर चल रहे IPS शत्रुजीत कपूर का नाम भी है, लेकिन उनके दोबारा DGP बनने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। सूत्र बताते हैं कि सरकार उन्हें ऊर्जा विभाग (Energy Department) में अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) का पद मिल सकता है।
UPSC 25 दिसंबर तक भेजेगा 3 नाम
मौजूदा DGP ओ.पी. सिंह 31 दिसंबर को रिटायर होने जा रहे हैं, इसलिए सरकार जल्द फैसला चाहती है। इससे पहले 25 दिसंबर तक UPSC की बैठक होगी, जिसमें पैनल से तीन नामों को शॉर्टलिस्ट कर राज्य सरकार को भेजा जाएगा। इस बैठक में हरियाणा की ओर से दो वरिष्ठ अधिकारी गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा और एक अन्य अधिकारी शामिल होंगे।
आलोक मित्तल (IPS, 1993 बैच)
हरियाणा और केंद्र सरकार दोनों स्तरों पर अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। SP पंचकूला, CBI और साइबर क्राइम यूनिट में रहे। उन्होंने पानीपत, फरीदाबाद, गुरुग्राम और रोहतक जिलों की कमान भी संभाली। आलोक मित्तल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के महानिरीक्षक (IG) के तौर पर काम कर चुके हैं। ग्राउंड लेवल पुलिसिंग और इंटेलिजेंस दोनों में शानदार अनुभव रखते हैं।
अजय सिंघल (IPS, 1992 बैच)
अंबाला-पंचकूला पुलिस कमिश्नर रह चुके हैं। कई जिलों में SP के रूप में काम किया और हाल ही में विजिलेंस ब्यूरो के चीफ बने। हरियाणा सरकार के साथ-साथ RSS से निकट संबंधों के लिए भी जाने जाते हैं।
ए.एस. चावला (IPS, 1993 बैच)
वर्तमान में हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन के निदेशक हैं। हिसार समेत कई जिलों में उत्कृष्ट पुलिसिंग का रिकॉर्ड। ईमानदार छवि और पूर्व गृह मंत्री अनिल विज व नायब सैनी के करीबी माने जाते हैं। अपने अनुशासन और प्रशासनिक दक्षता के लिए जाने जाते हैं।
शत्रुजीत कपूर के नाम पर विवाद
1990 बैच के IPS शत्रुजीत कपूर का नाम विवादों में है। वे दिवंगत IPS वाई पूरन कुमार की आत्महत्या मामले में आरोपी हैं। वाई पूरन न्याय मोर्चा ने उनके नाम को UPSC पैनल में शामिल किए जाने का विरोध किया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने कपूर को दोबारा DGP बनाया, तो उसे “अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।”
कपूर को ऊर्जा विभाग में भेजने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, सरकार DGP शत्रुजीत कपूर को ऊर्जा विभाग में एडजस्ट करने की योजना बना रही है। यह विभाग गृह मंत्री अनिल विज के पास है। DGP शत्रुजीत कपूर इससे पहले हरियाणा बिजली निगम के चेयरमैन और प्रिंसिपल सेक्रेटरी रह चुके हैं और बिजली चोरी व लाइन लॉस कम करने के लिए सराहे गए थे।



