Wednesday, February 11, 2026
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दिल्ली-NCR में GRAP-3 की पाबंदियां हटीं, प्रदूषण का स्तर हुआ कम

दिल्ली-NCR में पिछले कुछ दिनों में हुई हल्की बारिश के बाद हवा की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिला है। इसके चलते रविवार को केंद्रीय समिति ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-3) की पाबंदियां हटा दी हैं। अब निर्माण कार्य समेत कई गतिविधियों पर लगी रोक हट गई है। शनिवार और रविवार को दिल्ली-NCR के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिससे दिल्ली की हवा में प्रदूषण का स्तर कम हुआ।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक रविवार सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 284 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है, यह GRAP-3 की पाबंदियां हटाने के लिए काफी है। गौरतलब है कि दो दिन पहले दिल्ली का AQI 300 से ज्यादा होने पर GRAP-3 की पाबंदियां फिर से लगा दी गई थीं।

स्कूल और वाहनों पर लगी पाबंदियों में राहत

GRAP-3 के तहत लगाई गई कई पाबंदियां अब हटा ली गई हैं। दिल्ली-NCR में निर्माण कार्य की इजाजत दे दी गई है। BS-4 या उससे पुराने मध्यम और भारी वाहनों पर लगी रोक भी हटा ली गई है। इसके अलावा अब पांचवीं कक्षा तक के स्कूल ही हाइब्रिड मोड में चलेंगे, जबकि छठी से बारहवीं तक की कक्षाएं स्कूल में नियमित रूप से लगेंगी। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले सभी वाहनों को भी अब दिल्ली-एनसीआर में चलने की अनुमति दे दी गई है।

बारिश से दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में सुधार

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शनिवार को दिल्ली के विभिन्न इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। सफदरजंग में 1.6 मिमी, पालम में 2.4 मिमी, दिल्ली विश्वविद्यालय में 2 मिमी, पूसा में 1.5 मिमी और नजफगढ़ में 4 मिमी बारिश हुई। बारिश के कारण हवा में मौजूद प्रदूषकों की मात्रा कम हुई और प्रदूषण का स्तर कम हुआ। आईएमडी ने बताया कि न्यूनतम तापमान सामान्य 7.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले घंटों में करावल नगर, दिलशाद गार्डन, सीमापुरी, शाहदरा, नजफगढ़ और द्वारका समेत कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है।

GRAP-3 में क्या प्रतिबंध लगाए गए हैं?

GRAP-3 के तहत प्रतिबंध तब लगाए जाते हैं, जब AQI ‘बहुत खराब’ श्रेणी (300 से ऊपर) में पहुंच जाता है। इन प्रतिबंधों में निर्माण कार्य पर रोक, BS-4 वाहनों पर रोक और स्कूलों को हाइब्रिड मोड में चलाने जैसे उपाय शामिल हैं। प्रदूषण बढ़ने पर ये प्रतिबंध फिर से लगाए जा सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड और कोहरे के मौसम में प्रदूषण के स्तर में उतार-चढ़ाव हो सकता है। इसलिए सतर्कता और प्रदूषण की रोकथाम के उपाय जारी रखने होंगे। साथ ही नागरिकों को भी व्यक्तिगत स्तर पर प्रदूषण कम करने के प्रयासों में योगदान देना चाहिए।

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