दिवाली के तुरंत बाद लोगों को महंगाई का झटका लगा है। 19 किलो के कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 62 रुपये की वृद्धि की गई है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर उन व्यवसायों पर पड़ेगा जो खाने-पीने और रसोई से जुड़े हैं, जैसे कि रेस्टोरेंट्स, होटेल, और कैटरिंग सेवाएं।
कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी
19 किलो के गैस सिलेंडर का उपयोग रसोई के बड़े कामों में किया जाता है, विशेष रूप से व्यवसायों में। इस मूल्य वृद्धि से उनके परिचालन लागत में वृद्धि होगी, जिसका असर आम जनता पर भी पड़ेगा क्योंकि यह लागत खाद्य और पेय पदार्थों की कीमतों में जुड़ सकती है।
महंगाई के लगातार झटके
हाल के महीनों में ईंधन, खाद्य पदार्थ और रोजमर्रा की अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद, यह बढ़ोतरी आम जनता के बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकती है। दिवाली के बाद जब लोग त्योहारी खर्चों से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, तब यह मूल्यवृद्धि आम नागरिकों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
सरकार और कंपनियों का रुख
सरकार और गैस कंपनियां बाजार में अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय तेल मूल्यों में वृद्धि को इस बढ़ोतरी का कारण बताती हैं। हालांकि, इस बीच उपभोक्ताओं को राहत के लिए सरकार से अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं कि इस महंगाई को नियंत्रण में रखने के लिए कुछ कदम उठाए जाएं।
इस मूल्यवृद्धि का असर धीरे-धीरे घरेलू गैस सिलेंडरों पर भी देखा जा सकता है, जिससे आम लोगों के घर के बजट में भी बदलाव आ सकता है।



