Sunday, February 8, 2026
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वीकेंड पर लीजिए OTT की इस स्लो बर्न थ्रिलर का मजा, सीरियल किलर के किरदार में दिखेंगी धक-धक गर्ल ‘माधुरी दीक्षित’

बॉलीवुड की ‘धक-धक गर्ल’ माधुरी दीक्षित इन दिनों अपनी नई सस्पेंस-थ्रिलर क्राइम वेब सीरीज़ ‘मिसेज़ देशपांडे’ को लेकर सुर्खियों में हैं। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ होते ही इस सीरीज़ को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। माधुरी की दमदार परफॉर्मेंस और कहानी के चौंकाने वाले मोड़ लोगों को बांधे हुए हैं।

क्या कहती है ‘मिसेज़ देशपांडे’ की कहानी ?

19 दिसंबर 2025 को रिलीज़ हुई क्राइम-थ्रिलर वेब सीरीज़ ‘मिसेज़ देशपांडे’ को नागेश कुचूनूर ने निर्देशित किया है। छह एपिसोड वाली इस सीरीज़ में माधुरी दीक्षित ने खतरनाक सीरियल किलर सीमा देशपांडे का किरदार निभाया है। कहानी तब और दिलचस्प हो जाती है, जब मुंबई में उसी तरह की हत्याएं करने वाला एक कॉपीकैट किलर सक्रिय हो जाता है। जांच में पुलिस की मदद कर रही सीमा और इंस्पेक्टर फड़के के बीच मां-बेटे का रिश्ता सामने आना सबसे बड़ा ट्विस्ट है। यह सीरीज़ जियो हॉटस्टार पर उपलब्ध है।

अगर आप इस सीरीज़ को सही मायनों में समझना और उसका पूरा मज़ा लेना चाहते हैं, तो इसे धैर्य के साथ पूरा देखना ज़रूरी है। एक या डेढ़ एपिसोड देखकर यह न मान लें कि कहानी कहीं जा नहीं रही। यह एक स्लो-बर्न थ्रिलर है, जो धीरे-धीरे माहौल बनाती है, फिर आपको अपनी पकड़ में ले लेती है। आगे चलकर ऐसे ट्विस्ट सामने आते हैं, जिनकी पहले से कल्पना करना मुश्किल हो जाता है और यहीं से दिमागी खेल शुरू होता है।

अगर इस सीरीज की कहानी की ओर गौर करें तो, मुंबई में एक के बाद एक सीरियल मर्डर हो रहे हैं। हत्यारा नायलॉन की रस्सी से गला घोंटने के बाद शव को शीशे के सामने लटका देता है। इस रहस्यमय कातिल को पकड़ने के लिए मुंबई पुलिस एक असामान्य रास्ता अपनाती है वे जेल में बंद एक पुराने सीरियल किलर की मदद लेते हैं, जिसने बिल्कुल इसी पैटर्न पर हत्याएं की थीं। यह कातिल कोई और नहीं, बल्कि मिसेज़ देशपांडे, यानी माधुरी दीक्षित का किरदार है। इसके बाद कहानी जिस दिशा में आगे बढ़ती है, वह आपको जियो हॉटस्टार पर देखने को मिलेगी। करीब एक-एक घंटे के छह एपिसोड धीरे-धीरे आपको चौंकाते जाते हैं।

कैसी है सीरीज़?

यह सीरीज़ धीमी रफ्तार से शुरू होती है, जो कई दर्शकों को शुरुआत में थोड़ा बोर कर सकती है। पहले कुछ एपिसोड में ऐसा महसूस होता है कि कहानी आगे नहीं बढ़ रही, लेकिन जैसे-जैसे ट्विस्ट और टर्न सामने आते हैं, दिलचस्पी बढ़ती जाती है। आख़िर तक पहुंचते-पहुंचते आप कातिल के नाम का अंदाज़ा नहीं लगा पाते-और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।

डार्क किरदार में माधुरी ने चौंकाया

माधुरी दीक्षित को इस तरह के गंभीर और डार्क किरदार में देखना वाकई चौंकाने वाला अनुभव है। अपनी ग्लैमरस छवि से बिल्कुल उलट, वह यहां लगभग बिना मेकअप के नज़र आती हैं और केवल अभिनय के दम पर असर छोड़ती हैं। प्रियांशु चटर्जी पुलिस कमिश्नर के रोल में प्रभावशाली लगे हैं। सिद्धार्थ चांडेकर ने एसीपी का किरदार सहज और मजबूत तरीके से निभाया है।

दीक्षा जुनेजा और निमिषा नायर का काम भी कहानी को मजबूती देता है। इस सीरीज़ की कहानी नागेश कुुकुनूर और रोहित जी. बनवालिकर ने लिखी है, जबकि निर्देशन की जिम्मेदारी नागेश कुुकुनूर ने संभाली है। स्लो नैरेटिव के बावजूद उनका निर्देशन कहानी को सही दिशा में बनाए रखता है और धीरे-धीरे थ्रिल पैदा करता है।

यह भी पढ़ें : IGMC अस्पताल में हंगामा, डॉक्टर पर लगा मरीज को पीटने का आरोप…

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