Saturday, February 7, 2026
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बंगाल–झारखंड में ED की बड़ी कार्रवाई, कोयला घोटाले में 44 ठिकानों पर रेड…

ED Raid : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार, 21 नवंबर 2025 को पश्चिम बंगाल और झारखंड में अवैध कोयला कारोबार से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक साथ 44 स्थानों पर छापेमारी की। यह ऑपरेशन प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत चलाया गया था। छापों के दौरान जांच टीमों ने 14 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, सोना-जवाहरात और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए।

इन दस्तावेजों में प्रॉपर्टी से जुड़े कागजात, जमीन की खरीद-फरोख्त के एग्रीमेंट, कई कंपनियों के अकाउंट बुक्स और डिजिटल डिवाइस शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में इन्हें कोयला सिंडिकेट की गतिविधियों से जुड़ा बताया गया है। ED ने धनबाद और दुमका में कुल 20 ठिकानों पर छापे मारे। ये जगहें लाल बहादुर सिंह, अनिल गोयल, संजय खेमा, अमर मंडल और इनके करीबी लोगों से संबंधित बताई जा रही हैं।

पश्चिम बंगाल में छापेमारी

पश्चिम बंगाल में 24 स्थानों पर रेड हुई, जिनमें दुर्गापुर, पुरुलिया, हावड़ा और कोलकाता शामिल हैं। कार्रवाई घरों, दफ्तरों, कोक प्लांट्स और अवैध टोल वसूली केंद्रों तक फैली रही। यहाँ छापे जिन लोगों से जुड़े बताए गए हैं, उनमें नरेंद्र खड़का, कृष्ण मुरारी कायल, युधिष्ठिर घोष, राज किशोर यादव, लोकेश सिंह, चिन्मय मंडल, निरद बरन मंडल सहित कई नाम शामिल हैं। इस पूरे ऑपरेशन में 100 से अधिक ED अधिकारी शामिल थे और सुरक्षा के लिए CRPF की टुकड़ियाँ भी तैनात की गईं।

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ED की कार्रवाई उन FIR पर आधारित है जो पश्चिम बंगाल और झारखंड पुलिस ने अवैध कोयला खनन व तस्करी के मामलों में दर्ज की थीं। जांच में खुलासा हुआ है कि एक संगठित नेटवर्क झारखंड की खदानों से कोयला चोरी कर पश्चिम बंगाल भेज रहा था, वह भी बिना किसी वैध अनुमति के। रेड में मिले दस्तावेजों और रिकॉर्ड्स ने इन संदेहों की पुष्टि की है।

रेड में क्या मिला?

छापों में ED को डायरी और रजिस्टर भी मिले हैं, जिनमें अवैध वसूली और धन के बंटवारे का पूरा हिसाब दर्ज है। इससे संकेत मिलता है कि इस नेटवर्क को स्थानीय स्तर पर मदद भी मिल रही थी। साथ ही, पश्चिम बंगाल के तीन कोक प्लांट्स से लगभग 7.9 लाख मीट्रिक टन कोयला और कोयला उत्पाद जब्त किए गए, जो कथित रूप से अवैध तरीके से संग्रहित थे।

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