Saturday, February 7, 2026
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Punjab : Operation Sindoor के वक्त बच्चे के कारनामे ने जीता सबका दिल, PM राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से मिलेगा सम्मान

पंजाब के सीमावर्ती जिला फिरोजपुर के चक तरां वाली गांव के रहने वाले 10 वर्षीय श्रवण सिंह ने पूरे देश का मान बढ़ाया है। श्रवण को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया जाएगा। उन्हें यह सम्मान भारत की राष्ट्रपति द्वारा 26 दिसंबर 2025 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में प्रदान किया जाएगा।

इस समारोह में शामिल होने के लिए श्रवण अपने पिता के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। श्रवण को यह सम्मान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान दिखाए गए उनके असाधारण साहस और निस्वार्थ सेवा के लिए दिया जा रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर’ में दिखाई अद्भुत बहादुरी

मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान श्रवण सिंह ने जिस समझदारी, हिम्मत और देशभक्ति का परिचय दिया, उसने सभी का दिल जीत लिया। भारत-पाक सीमा पर तनावपूर्ण हालात के बीच, जब दुश्मन की ओर से ड्रोन घुसपैठ और हमलों का खतरा बना हुआ था, तब श्रवण रोजाना अग्रिम चौकियों तक पहुंचकर तैनात सैनिकों की मदद करता था। वह सैनिकों के लिए पानी, दूध, लस्सी, चाय और बर्फ जैसी जरूरी चीजें पहुंचाता था, जिससे कठिन परिस्थितियों में उनका मनोबल बना रहा।

खतरे के बावजूद नहीं डिगा हौसला

दुश्मन की निगरानी और हमले की आशंका के बावजूद श्रवण का जज्बा कमजोर नहीं पड़ा। उसकी मदद लंबे समय से तैनात जवानों के लिए किसी जीवनरेखा से कम नहीं थी। इतना ही नहीं, उसने अपने परिवार को भी सेना के सहयोग के लिए प्रेरित किया। परिवार ने सैनिकों की जरूरतों के लिए अपने घर और संसाधनों को खोल दिया, जिससे संवेदनशील सीमा क्षेत्र में नागरिक और सेना के बीच सहयोग की मिसाल कायम हुई।

देश के बच्चों के लिए बने प्रेरणा

श्रवण के साहस और करुणा से भरे कार्यों ने न सिर्फ स्थानीय लोगों को एकजुट किया, बल्कि पूरे देश के बच्चों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया। उनके योगदान को देखते हुए गोल्डन एरो डिवीजन ने उनकी शिक्षा को प्रायोजित करने का फैसला भी किया है। उनकी बहादुरी, निरंतर सेवा और गहरी देशभक्ति को सम्मान देते हुए भारत सरकार ने उन्हें बच्चों के लिए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 के लिए चुना है।

परिवार और गांव में खुशी का माहौल

श्रवण की इस उपलब्धि से उनके परिवार और पूरे इलाके में खुशी की लहर है। परिजनों का कहना है कि बेटे को यह सम्मान मिलना उनके लिए गर्व और खुशी का क्षण है। श्रवण का अनुकरणीय साहस और सेवा भावना भारतीय मूल्यों को उजागर करती है और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उज्ज्वल प्रेरणा बनकर सामने आई है।

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