Sunday, February 8, 2026
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Delhi-NCR पर छाया पॉल्यूशन और कोहरे का खतरा, AQI पहुंचा 490 के पार…

दिल्ली-एनसीआर के लोगों को रविवार सुबह भी प्रदूषण से कोई राहत नहीं मिली। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार सुबह करीब 6 बजे राजधानी के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 490 से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे पूरी दिल्ली गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में आ गई। इसके साथ ही घने कोहरे ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। कई स्थानों पर दृश्यता 50 मीटर से भी कम आंकी गई है। नोएडा में भी स्थिति लगभग यही बनी हुई है।

कई इलाकों में AQI 500 के करीब

दिल्ली के आनंद विहार (491), अशोक विहार (493), बावाना (498), रोहिणी (499), विवेक विहार (495) और वजीरपुर (493) जैसे इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है। वहीं, आईटीओ क्षेत्र में AQI 485, आईजीआई एयरपोर्ट पर 416 और लोधी रोड पर 400 रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह इस वर्ष चौथी बार है जब दिल्ली में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी तक पहुंची है।

मौसम बना प्रदूषण बढ़ने की बड़ी वजह

प्रदूषण में आई इस अचानक बढ़ोतरी के पीछे मौसम की अहम भूमिका मानी जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते हवा की रफ्तार बेहद धीमी हो गई है, जिससे प्रदूषक तत्व वातावरण में ही जमा हो गए। इसी कारण शनिवार से हालात तेजी से बिगड़े और राजधानी एक बार फिर जहरीली धुंध से ढक गई।

घने कोहरे में लिपटी दिल्ली

आज दिल्ली में इस साल का अब तक का सबसे घना कोहरा देखने को मिला। कई इलाकों में दृश्यता कुछ मीटर तक सीमित रही। हालात इतने खराब रहे कि अक्षरधाम मंदिर तक नजर नहीं आ पाया। अक्षरधाम के आसपास के क्षेत्रों में 50 मीटर से आगे देख पाना मुश्किल हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि घना कोहरा प्रदूषण को और गंभीर बना सकता है। दिल्ली-एनसीआर के सभी हिस्सों में कोहरे की मोटी परत छाई रही, हालांकि नोएडा और गाजियाबाद की तुलना में दिल्ली में कोहरा ज्यादा घना दर्ज किया गया।

दिल्ली में GRAP-IV लागू

बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शनिवार से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज-IV लागू कर दिया है। इसके तहत गैर-जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। मिट्टी की खुदाई, पाइलिंग, वेल्डिंग, पेंटिंग, प्लास्टर, टाइल और फ्लोरिंग से जुड़े सभी कार्य रोक दिए गए हैं।

इसके अलावा रेडी-मिक्स कंक्रीट प्लांट, स्टोन क्रशर, ईंट भट्ठों और खनन गतिविधियों पर भी रोक लगाई गई है। धूल प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए कच्ची सड़कों पर सीमेंट, रेत और फ्लाई ऐश जैसी निर्माण सामग्री के परिवहन पर भी प्रतिबंध लागू किया गया है।

स्वास्थ्य को लेकर चेतावनी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार से हवा की गति में हल्का सुधार संभव है, जिससे प्रदूषण में कुछ राहत मिल सकती है, हालांकि फिलहाल हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं।

नोएडा की स्थिति और भी गंभीर

नोएडा में भी हवा की गुणवत्ता बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। यहां AQI 772 दर्ज किया गया, जो ‘अत्यंत गंभीर’ श्रेणी में आता है। PM2.5 का स्तर 462 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और PM10 का स्तर 649 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो तय मानकों से कई गुना अधिक है।

कुछ इलाकों में स्थिति और भी खराब रही-पार्क्स लॉरेट में AQI 963 तक पहुंच गया, जबकि मगुन मॉडर्न और नगली बहारपुर में AQI 700 के पार दर्ज किया गया। घना कोहरा, लगभग 94 प्रतिशत नमी और हवा की बेहद कम रफ्तार ने प्रदूषण को और गंभीर बना दिया है, जो खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए बड़ा खतरा बन गया है।

यह भी पढ़ें : जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के मतदान जारी…

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