Friday, February 6, 2026
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Uttar Pradesh : CM योगी हुए संविधान दिवस कार्यक्रम में शामिल, बोले – “हर वयस्क नागरिक को वोट देने का अधिकार”

देशभर में मनाए जा रहे 76वें संविधान दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजधानी लखनऊ स्थित लोकभवन सभागार में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ कर और शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिए।

“संविधान लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक” – CM योगी

CM योगी ने प्रदेशवासियों को संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहे कि “न्याय, समता और बंधुता हमारे संविधान की मूल भावना हैं। ‘भारत रत्न’ बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की अद्भुत दृष्टि, प्रखर विचार और अथक परिश्रम से निर्मित हमारा संविधान विश्व के सबसे सशक्त लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक है।” उन्होंने आगे कहा कि संविधान राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रगति का आधार है, जो हर नागरिक को समान अधिकार, सम्मान और अवसर प्रदान करता है। CM योगी आगे कहते हैं कि “भारत ऐसा एकमात्र देश है, जहां पहले दिन से ही हर वयस्क नागरिक को मताधिकार प्राप्त है।” उन्होंने बताया कि संविधान 26 नवंबर 1949 को मंजूरी मिली और 2015 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से इसे संविधान दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। CM योगी ने संविधान निर्माण की ऐतिहासिक प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे तैयार करने में 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिन लगे। इस दौरान डॉ. राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के अध्यक्ष और डॉ. भीमराव अंबेडकर ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष थे।

“अधिकार तभी सुरक्षित, जब कर्तव्यों का पालन हो” – CM योगी

CM योगी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में लोग स्वतंत्रता की कीमत भूलते जा रहे हैं, क्योंकि उन्होंने वो संघर्ष और यातनाएं नहीं देखीं, जो आजादी के लिए झेली गई थीं। आज हर व्यक्ति केवल अधिकारों की बात करता है, जबकि अधिकार तभी सुरक्षित होते हैं जब हम अपने कर्तव्यों का पालन करें। कर्तव्यहीनता लोकतंत्र को कमजोर करती है और तानाशाही को जन्म देती है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान का सम्मान करना हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है।

‘पंच प्रण’ का किया जिक्र”

CM योगी ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ‘पंच प्रण’ का जिक्र किया और कहा कि विकसित भारत के लिए प्रत्येक नागरिक को इन्हें अपनाना चाहिए। “हमें गुलामी की मानसिकता त्यागनी होगी, अपने सैनिकों और पुलिस बल का सम्मान करना होगा, अपनी विरासत पर गर्व करना होगा और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन करना होगा।”

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