हरियाणा में 10वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल के मामले सामने आने से शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। हाल ही में, सोनीपत के गोहाना क्षेत्र में एक परीक्षा केंद्र पर नकल करवाने के आरोप में कई महिलाएं पकड़ी गईं। इन महिलाओं ने परीक्षा केंद्र के बाहर खड़े होकर कागज पर प्रश्न लिखकर छात्रों तक पहुंचाने की कोशिश की।
हरियाणा सरकार ने नकल के मामलों में सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नकल रोकने के लिए अधिकारियों को सस्पेंड किया और कई अभिभावकों को गिरफ्तार किया गया है। सोनीपत में 7 अभिभावक नकल करवाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि नकल को रोका जा सके।
नकल करवाने वाले लोग परीक्षा केंद्र की दीवार पर चढ़कर छात्रों तक चिट्स पहुंचा रहे थे[1]। इसके अलावा, कुछ लोग कागज पर प्रश्न लिखकर बाहर से ही छात्रों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे थे। यह घटनाएं हरियाणा के विभिन्न जिलों में सामने आई हैं, जिनमें सोनीपत और भिवानी शामिल हैं।
हरियाणा सरकार ने नकल के मामलों में सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि नकल से छात्रों का भविष्य खराब होता है और उन्हें सही शिक्षा नहीं मिल पाती है। इसलिए, सरकार नकल रहित परीक्षा कराने के लिए प्रतिबद्ध है।



