भाजपा 9 क्लस्टर के हिसाब से यूपी विधानसभा उपचुनाव लड़ने की रणनीति बना रही है। इन 9 क्लस्टर में दो से तीन मंत्रियों की टीम के साथ एक से दो भाजपा पदाधिकारियों को तैनात किया गया है। सरकार के प्रभारी मंत्रियों को भी अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा हर बूथ के जातीय गणित की जिम्मेदारी मंडल अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष को दी गई है। जातीय समीकरणों के आधार पर विधानसभा क्षेत्रों में यूपी भाजपा के अलग-अलग मोर्चे तैनात किए गए हैं।
मतदान के लिए प्रेरित करने वाली जातियों के क्षेत्रीय नेताओं को भी तैनात किया गया है। क्षेत्रीय अध्यक्षों को भी उनके क्षेत्र में आने वाली विधानसभा सीटों पर तैनात किया गया है। इसके अलावा सीएम योगी हर विधानसभा क्षेत्र में एक रैली करेंगे। वहीं मुस्लिम बहुल इलाकों में भाजपा के मुस्लिम नेताओं को तैनात किया जाएगा। बूथ प्रबंधन के निचले स्तर तक के कार्यकर्ताओं को चुनाव प्रचार में शामिल किया गया है। पार्टी के सभी सांसदों और विधायकों को दिवाली के बाद उपचुनाव वाले विधानसभा क्षेत्रों में पूरी तरह रहने को कहा गया है। इन सबके अलावा पार्टी मुख्यालय में एक मॉनिटरिंग सेल भी बनाई गई है।
RSS भी हुआ सक्रिय
सूत्रों के अनुसार, संघ ने यूपी उपचुनाव में भाजपा के पक्ष में जनमत तैयार करने के लिए बड़े पैमाने पर संपर्क कार्यक्रम शुरू कर दिए हैं। संघ ने उन विधानसभा सीटों के लिए टीमें तैयार कर ली हैं, जहां उपचुनाव होने हैं। इन टीमों ने लोगों तक संदेश पहुंचाना भी शुरू कर दिया है। प्रत्येक टीम 5-10 लोगों के छोटे-छोटे समूहों के साथ बैठकें कर रही है, जिसमें राष्ट्रहित, हिंदुत्व, सुशासन, विकास, जनकल्याण और स्थानीय मुद्दों पर गहन चर्चा के जरिए लोगों की राय बनाई जा रही है।
इन सीटों पर होंगे उपचुनाव
यूपी की जिन सीटों पर उपचुनाव होंगे, उनमें कटेहरी (अंबेडकर नगर), करहल (मैनपुरी), मीरापुर (मुजफ्फरनगर), गाजियाबाद, मझवां (मिर्जापुर), शीशमऊ (कानपुर नगर), खैर (अलीगढ़), फूलपुर (प्रयागराज) और कुंदरकी (मुरादाबाद) शामिल हैं।
इन सीटों पर 13 नवंबर को मतदान होगा और 23 नवंबर को मतगणना होगी। चुनाव आयोग ने 15 अक्टूबर को कोर्ट केस के चलते मिल्कीपुर (अयोध्या) को छोड़कर यूपी की नौ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की थी।



