Saturday, February 7, 2026
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Online Payment, UPI में होने जा रहा बड़ा बदलाव, जानें क्या मिलेगा खास

अगर आप भी यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) का इस्तेमाल करते हैं। UPI में जल्द ही बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने सर्कुलर में कहा था कि करदाता जल्द ही UPI के जरिए 5 लाख रुपये तक का टैक्स भुगतान कर सकेंगे। पहले यह सीमा काफी कम थी। इस बदलाव से लाखों करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने देश के लाखों करदाताओं की मदद के लिए UPI का इस्तेमाल कर टैक्स भुगतान की ट्रांजैक्शन लिमिट बढ़ा दी है।

NPCI ने 24 अगस्त 2024 को सर्कुलर जारी किया था। इसमें कहा गया था कि UPI एक पसंदीदा भुगतान पद्धति के रूप में उभर रही है, जिसके कारण विशेष श्रेणियों के लिए UPI में प्रति ट्रांजैक्शन लिमिट बढ़ाने की जरूरत है। सर्कुलर में आगे कहा गया है कि संस्थाओं के लिए UPI में प्रति ट्रांजैक्शन लिमिट को बढ़ाकर टैक्स भुगतान के लिए 5 लाख रुपये कर दिया गया है।

NPCI ने बैंकों को दिए निर्देश

NPCI ने बैंकों, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स और UPI ऐप्स से यह सुनिश्चित करने को कहा कि MCC 9311 कैटेगरी के वेरिफाइड मर्चेंट्स के लिए ट्रांजैक्शन लिमिट बढ़ाई जाए। एनपीसीआई ने कहा कि करदाताओं को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि कर भुगतान श्रेणी के लिए बढ़ी हुई सीमा के लिए भुगतान मोड के रूप में यूपीआई सक्षम हो।

यह सीमा कब लागू होगी?

एनपीसीआई ने बैंकों, भुगतान सेवा प्रदाताओं और UPI ऐप को 15 सितंबर तक कर भुगतान सीमा की बढ़ी हुई सीमा को लागू करने के लिए कहा है। इसका मतलब है कि 16 सितंबर तक कोई भी व्यक्ति 5 लाख रुपये का कर भुगतान करने के लिए UPI का उपयोग कर सकता है। इसके साथ ही, व्यक्ति अब अन्य श्रेणियों के लिए भी प्रति लेनदेन 5 लाख रुपये तक का UPI भुगतान कर सकते हैं।

इन सेवाओं के लिए भी कर सकते हैं 5 लाख तक का भुगतान

अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों, आईपीओ और RBI रिटेल डायरेक्ट योजनाओं के लिए भी 5 लाख रुपये तक का यूपीआई भुगतान किया जा सकता है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि यह केवल कुछ ही लेनदेन पर लागू होगा। इसके अलावा, आपको अपने बैंक और UPI से यह जानना होगा कि वे कितनी सीमा की अनुमति दे रहे हैं।

किन सेवाओं पर कितनी सीमा?

अधिकांश पीयर टू पीयर लेनदेन के लिए 1 लाख रुपये तक की UPI सीमा दी गई है। हालांकि, ये बैंक तय करते हैं कि उनकी यूपीआई सीमा क्या होगी। उदाहरण के लिए, इलाहाबाद बैंक यूपीआई भुगतान के लिए 25000 रुपये तक की सीमा देता है। एचडीएफसी बैंक और ICICI बैंक ने 1 लाख रुपये की सीमा तय की है। वहीं, कैपिटल मार्केट, कलेक्शन, इंश्योरेंस और विदेशी लेनदेन के लिए यूपीआई सीमा 2 लाख रुपये तक है।

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