Sunday, February 8, 2026
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BCCI के इस नियम के बाद IPL में क्यों रोने लगे विदेशी खिलाड़ी ? जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

भारत में हरसाल आयोजित होने वाली आईपीएल (IPL) लीग अपने रोमांचक खेल के कारण पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोरती है। आईपीएल में खेलने के लिए दुनियाभर के खिलाड़ी नीलामी में अपना नाम दर्ज करवाते हैं। नीलामी में खरीदे जाने के बाद खिलाड़ी अपनी फ्रेंचाइजी के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन करते हैं और उसी कॉन्ट्रैक्ट केतहत उन्हें खेलने का मौका मिलता है। आईपीएल की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए बीसीसीआई (BCCI) ने साल 2025 की मेगा निलामी से पहले विदेशी खिलाड़ियों के लिए एक कड़ा नियम बनाया। आखिर वह नियम क्या है ? जानते हैं

IPL में लागू है ‘नो प्ले, नो पे’ नियम

आईपीएल खिलाड़ी नीलामी में बिकने के बाद बिना किसी ठोस और वैध कारण के आईपीएल खेलने से मना करता है, तो उसे नीलामी में मिली रकम नहीं दी जाती। आईपीएल में ‘नो प्ले, नो पे’ यानी खेलोगे तभी भुगतान मिलेगा का नियम लागू किया गया है। इस नियम के तहत केवल उसीखिलाड़ी को मैच फीस दी जाती है जो आईपीएल में टीम के लिए मैच खेलता है।

खिलाड़ी पर दो साल का लगता है बैन

बीसीसीआई केनियमों के मुताबिक, अगर कोई विदेशी खिलाड़ी नीलामी में बिकने के बाद आईपीएल खेलने से इनकार करता है, तो उस पर दो साल का प्रतिबंध लगाया जाता है। और उसे आईपीएल निलामी में नामदर्ज करने की अनुमती नहीं होगी।

विदेशी खिलाड़ियों पर लीग न खेलने की स्थिति में हमेशा प्रतिबंध लगाया जाए, ऐसा जरूरी नहीं है, अगर कोई खिलाड़ी गंभीर चोट से जूझरहा हो या उसे अपनी राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना अनिवार्य हो तो उसे इस नियम से छूट दी जाती है.. इसके लिए खिलाड़ीको अपनी फ्रेंचाइज़ी को मेडिकल रिपोर्ट या अपने क्रिकेट बोर्ड की आधिकारिक पुष्टिदेना जरूरी होता है।

विदेशी खिलाड़ियों पर क्यों जरूरी है यह नियम ?

आईपीएलनीलामी के बाद कई बार ऐसा देखा गया कि खिलाड़ी फ्रेंचाइजी के लिए खेलने से मना करदेते थे। इससे टीमों को आखिरी समय में रिप्लेसमेंट खिलाड़ी ढूंढने पड़ते थे, जिससे उनकी रणनीति और संतुलन बिगड़ जाता था। इससमस्या को लेकर सभी फ्रेंचाइजियों ने बीसीसीआई से शिकायत की, जिसके बाद साल 2025 में विदेशी खिलाड़ियों पर सख्त नियम लागू किया गया। बता दें की आईपीएल 2025 की नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स ने इंग्लैंड केआक्रामक बल्लेबाज हैरी ब्रूक को 2 करोड़ रुपयेमें खरीदा था। हालांकि, ब्रूक ने निजी कारणों से आईपीएल खेलने से मना कर दिया। इसके बाद बीसीसीआई ने उन पर दो साल का बैन लगा दिया।

भारत में हरसाल आयोजित होने वाली आईपीएल लीग अपने खेल से पूरे दुनिया में सुर्खिया बटोरती है। आईपीएल में खेलने के लिए दुनियाभर के खिलाड़ी निलामी में अपना नाम दर्ज करवाते है। निलामी में खरीदे जाने के बाद खिलाड़ी प्रेचांइजी के साथ कॉन्ट्रेक्टसाइन करते हैं और फिर उसी कॉन्ट्रेक्ट के तहत उन्हें खेलने का मौका मिलता है। इसी लोकप्रियता को देखते हुए बीसीसीआई ने साल 2025 के मेगा निलामी में विदेशी खिलाड़ियों के लिए कड़ा नियम बनाया था। क्या है वो नियम आइए जानते हैं।

खिलाड़ी अपनी मर्जी से खेलने से मना करे ?

आईपीएलखिलाड़ी निलामी में बिकने के बाद बिनी किसी ठोस और वैध कारण के IPL खेलने से मना करता है, तो उसे नीलामी में मिली पूरी रकम नहीं दी जाती है। IPL में ‘नो प्ले, नो पे’ यानी खेलोगे तभी भुगतान मिलेगा, का नियम लागू किया गया है। इसी नियम के तहत आईपीएल मैच खेलने वाले खिलाड़ी को ही मैच फीस दी जाती है।

दो साल काखिलाड़ी पर लगाया जाता है बैन

BCCI के नियमों के मुताबिक नीलामी में बिकने के बाद विदेशी खिलाड़ी आईपीएल नहीं खेलता तो उस पर दोसाल का बैन लगाया जाता है। इस दौरान खिलाड़ी किसी भी निलामी में अपना नाम दर्जनहीं करवा पाएगा..साथ ही खिलाड़ी कोइ भी मैच फीस नहीं दी जाती। जब तक उस पर बैन नहीं हटाया जाता।

आखिर कब मिलती है विदेशी खिलाड़ियों को छूट ?

आईपीएल मेंविदेशी खिलाड़ी पर लीग ना खेलने पर हमेशा प्रतिबंध लगे ऐसा जरूरी नहीं है, खिलाड़ी गंभीर चोट से जूझ रहा हो या फिर उसे अपने देश की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना जरूरी हो, तो फिर खिलाड़ी को छूट दी जातीहै। हालांकि इसके लिए खिलाड़ी को अपनी फ्रेंचाइजी से मेडिकल रिपोर्ट या अपने क्रिकेटबोर्ड की आधिकारिक पुष्टी करना जरूरी होता है।

विदेशी खिलाड़ियों पर क्यों जरूरी है नियम ?

आईपीएलनिलामी में बिकने के बाद खिलाड़ी अपनी फ्रेंचाइजी से खेलेने को मना करते थे। आईपीएल टीमों को उनकी जगह पर रिपलेस खिलाड़ी खरीदना पड़ता था। वहीं टीमों ने कईबार इस मुद्दे को लेकर बीसीसीआई से शिकायत भी की, जिसके बाद साल 2025 में बीसीसीआई ने विदेशी खिलाड़ियों पर नकेल कसने केलिए ये नियम लागू किया था। आईपीएल 2025 की निलामी में दिल्ली कैप्टिल्स ने इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाज हैरीब्रूक को 2 करोड़ की मोटी रकम में खरीदा था। लेकिन ब्रुक ने निजी कारणों से आईपीएल खेलने से मना किया और उनपर 2 साल का प्रतिबंध लगाया गया।

यह भी पढ़ें : नौकरी बदलने पर भी मान्य रहेगा CET स्कोर, HSSC ने दी राहत…

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