पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे बलवंत सिंह राजोआना को कल हाई कोर्ट से तीन घंटे की पैरोल दी गई थी जिसके बाद वह आज उन्हें उनके भाई के अंतिम अरदास में शामिल होने के लिए कड़ी सुरक्षा में पटियाला जेल से लुधियाना ले जाया गया।
पैरोल का उद्देश्य कैदियों को मानवीय आधार पर उनके परिवारिक या व्यक्तिगत मामलों में भाग लेने का अवसर देना होता है। हालांकि, ऐसे मामलों में पैरोल दिए जाने को लेकर अक्सर राजनीतिक और कानूनी बहस होती है।
राजोआना लंबे समय से सिख संगठनों और समर्थकों के बीच एक प्रमुख चेहरा रहे हैं, और उनकी रिहाई या सजा को लेकर समय-समय पर विभिन्न विवाद और मांगें उठती रही हैं।



