Saturday, February 7, 2026
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Uttar Pradesh : क्या आप जानते हैं श्री राम मंदिर में फहराए गए धर्मध्वज की ये 10 खासियत?

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर फहराया गया धर्मध्वज सिर्फ एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि त्याग, भक्ति और राष्ट्र की एकता का प्रतीक बन गया है। आइए जानते हैं इस दिव्य ध्वज की 10 विशेष बातें-

केसरिया रंग भक्ति का प्रतीक

धर्मध्वज पूरी तरह केसरिया रंग का है, जो अग्नि की लपटों और उगते सूरज की तरह चमकता है। यह रंग राम के त्याग, समर्पण और धर्म की विजय का प्रतीक है। विवाह पंचमी पर इस रंग ने राम-सीता के प्रेम और मर्यादा की भावना को और गहरा कर दिया मानो त्रेता युग का सूर्य फिर से अयोध्या पर चमक उठा हो।

धर्मध्वज 22 फीट लंबा और 11 फीट चौड़ा

ध्वज का आकार त्रिकोणाकार है, जो राम वंश की गरिमा का प्रतीक है। यह 22 फीट लंबा और 11 फीट चौड़ा यह ध्वज मंदिर की भव्यता के अनुरूप तैयार किया गया है। जब यह शिखर पर फहराया गया तो चार किलोमीटर दूर से भी दिखाई दिया।

2 किलो तक है वजन

यह धर्मध्वज 2 किलो वजनी है, ताकि यह हवा में बेहतर ढंग से लहरा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बटन दबाते ही यह ऊपर उठा और हजारों लोगों के “जय श्रीराम” के जयकारों से अयोध्या गूंज उठी।

खास कपड़े का हुआ है इस्तेमाल

ध्वज को पैराशूट नायलॉन फैब्रिक से तैयार किया गया है। इसके ऊपर रेशमी धागों से कढ़ाई की गई है। अहमदाबाद के पारंपरिक कारीगरों ने इसे हाथों से तैयार किया है।

तीन सिंथेटिक लेयर हैं सुरक्षाकवच

ध्वज में तीन सिंथेटिक लेयर हैं, जो इसे यूवी प्रोटेक्शन, वाटरप्रूफिंग और तेज हवाओं से सुरक्षा देती हैं। यह 200 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवा, तेज धूप और भारी बारिश को भी झेलने में सक्षम है।

सोने के धागों से कढ़ा हुआ चमकता सूर्य

ध्वज के केंद्र में सोने के धागों से कढ़ा हुआ चमकता सूर्य बना है। यह सूर्य वंश के श्री राम के पराक्रम और तेज का प्रतीक है। ध्वजारोहण के दौरान यह सूर्य ऐसा लगा मानो अयोध्या पर एक बार फिर धर्म का सूर्योदय हो गया हो।

पवित्र ‘ॐ’ है अंकित

ध्वज के ऊपरी भाग में अंकित ॐ का चिन्ह ब्रह्मांड की अनादि ध्वनि और शांति का प्रतीक है।

कोविदार वृक्ष समृद्धि और सौहार्द का प्रतीक

ध्वज के निचले भाग में अंकित कोविदार वृक्ष अयोध्या का पवित्र वृक्ष माना जाता है। यह राम राज्य की समृद्धि, नीति और न्याय शासन का प्रतीक है।

विशेष रस्सी का प्रयोग

ध्वज फहराने के लिए कानपुर से मंगाई गई विशेष रस्सी का उपयोग किया गया। इस रस्सी में स्टेनलेस स्टील कोर और नायलॉन फाइबर है, जो किसी भी तेज हवा या झटके में भी ध्वज को मजबूती से थामे रखेगी।

4 किलोमीटर दूर से भी दिखाई देगा धर्मध्वज

धर्मध्वज इतना चमकीला और ऊंचा है कि 4 किलोमीटर दूर से भी साफ नजर आता है। सरयू घाट से लेकर राम पथ तक लोगों ने देखा और “जय श्रीराम” के जयकारे लगाए।

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