पंजाब और चंडीगढ़ में शीतलहर और घने कोहरे का असर लगातार बना हुआ है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सुबह और रात के समय ठिठुरन के साथ-साथ दृश्यता बेहद कम होने से सड़क और रेल यातायात पर भी असर पड़ रहा है।
बठिंडा में सीजन का सबसे कम तापमान
मौसम विभाग के अनुसार, बठिंडा में न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है, जो इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान है। वहीं अधिकतम तापमान सामान्य से 4.3 डिग्री सेल्सियस कम रहा। लुधियाना में अधिकतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जिससे ठंड का असर दिन में भी महसूस किया जा रहा है।
19 जिलों में कोहरा, 8 में शीतलहर का येलो अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के 19 जिलों में घने कोहरे और 8 जिलों में शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि 17 जनवरी तक मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है और ठंड का प्रकोप ऐसे ही बना रह सकता है।
उधर, स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और सांस या दिल की बीमारी से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में नागरिकों को टोल फ्री मेडिकल हेल्पलाइन से संपर्क करने को कहा गया है।
प्रशासन की ओर से भी अलर्ट जारी किया गया है और ठंड से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिन पंजाब और चंडीगढ़ के लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण बने रहेंगे।



