हरियाणा में ठंड दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, जहां मौसम विभाग ने कई जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। इस बीच, हरियाणा राज्य राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से शीतलहर और पाले के प्रभाव से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। साथ ही किसानों को पाले के चलते अपनी फसलों का ख्याल रखने की सलाह भी दी गई है।
किसानों को इन बातों का रखना होगा ध्यान
आपको बता दें कि सरसों, आलू, सब्जी की नर्सरी और छोटे फलों के पौधों पर पाले का ज्यादा असर होता है। हरियाणा में आमतौर पर दिसंबर से फरवरी तक पाला पड़ता है। इसके जमने से पौधे को नुकसान पहुंचता है। इससे बचने के लिए किसानों को सब्जी और फलों के पौधों की सिंचाई करनी चाहिए, ताकि जमीन का तापमान बढ़ सके। खेत के किनारे से 15 से 20 फीट की दूरी पर रात के समय कूड़ा-कचरा और सूखा कचरा जलाना चाहिए और जिस दिशा से हवा आ रही हो, उसे जलाकर धुआं पैदा करना चाहिए, इससे तापमान बढ़ेगा और पाले का असर कम होगा।
पशुओं का ऐसे रखें ख्याल
सर्दियों में पशु पानी कम पीते हैं। इससे डिहाइड्रेशन होता है। जिससे दूध में कमी आ सकती है। पशुओं को गुनगुना पानी देना चाहिए। पशुओं को सामान्य से 0.8 प्रतिशत अधिक ऊर्जा वाला भोजन देना चाहिए।



