राजस्थान के झुंझुनूं जिले से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। एक व्यक्ति को मृत मानकर पोस्टमार्टम कर दिया गया और शव को डीप फ्रीजर में रख दिया गया। इसके बाद जब शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, तो चिता पर रखे गए शरीर में हरकत होने लगी। इस अप्रत्याशित घटना ने वहां मौजूद लोगों को चौंका दिया और पूरे इलाके में सनसनी मच गई।
डॉक्टरों की लापरवाही उजागर
मामले की जांच के बाद सामने आया कि व्यक्ति वास्तव में जीवित था, लेकिन डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही के कारण उसे मृत घोषित कर दिया गया था। पोस्टमार्टम प्रक्रिया के दौरान भी इस बात का ध्यान नहीं दिया गया कि वह जीवित है। राज्य सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया और तीन डॉक्टरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
सरकार की सख्त कार्रवाई
भजनलाल सरकार ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और दोषी पाए गए अधिकारियों व डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। यह घटना न केवल चिकित्सा क्षेत्र में लापरवाही की गंभीरता को उजागर करती है, बल्कि इससे लोगों के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति अविश्वास भी बढ़ सकता है।
इस घटना ने राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त प्रोटोकॉल लागू करने और चिकित्सा कर्मियों को बेहतर प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है। यह घटना सभी के लिए एक चेतावनी है कि चिकित्सा क्षेत्र में लापरवाही कितनी घातक हो सकती है।



