दिल्ली सरकार ने प्रदूषण की गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। राजधानी में बढ़ते प्रदूषण स्तर के मद्देनजर सरकारी दफ्तरों में 50% कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश दिया गया है। इस निर्णय का उद्देश्य राजधानी की सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करना और प्रदूषण को नियंत्रित करना है।
वर्क फ्रॉम होम का निर्णय
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए यह कदम उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर बताया कि सचिवालय में आज दोपहर 1 बजे अधिकारियों के साथ एक बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें इस निर्णय के कार्यान्वयन की योजना पर चर्चा की जाएगी।
प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर चिंता
राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। इसके चलते सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वाहनों का धुआं और औद्योगिक प्रदूषण दिल्ली में प्रदूषण के मुख्य कारण हैं।
सरकार के अन्य कदम
दिल्ली सरकार पहले ही ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत कई उपाय लागू कर चुकी है। इनमें निर्माण कार्यों पर रोक, सड़क पर पानी का छिड़काव, और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देना शामिल है। वर्क फ्रॉम होम का यह निर्णय भी इसी कड़ी का हिस्सा है।



