शासन ने दस आईएएस अफसरों के तबादले कर दिए हैं। शासन ने डॉ. राज शेखर की जिम्मेदारी कम कर दी है। उनसे प्रबंध निदेशक नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, राज्य नोडल अधिकारी प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना तथा प्रबंध निदेशक भूमि सुधार निगम का प्रभार वापस ले लिया गया है, जबकि प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) का प्रभार उनके पास बरकरार रखा गया है।
अनिल गर्ग को प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन के साथ राज्य नोडल अधिकारी प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना तथा प्रबंध निदेशक भूमि सुधार निगम का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। अपर मुख्य सचिव वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मनोज सिंह को प्रतीक्षारत रखा गया है। वहीं अनिल कुमार-तृतीय को प्रमुख सचिव श्रम के साथ प्रमुख सचिव वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। प्रतीक्षारत सान्या छाबड़ा को प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास निगम के पद पर तैनात किया गया है।
इस पद पर तैनात रवि रंजन अब प्रबंध निदेशक यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड का कार्यभार देखेंगे। नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग की विशेष सचिव तथा जल निगम (ग्रामीण) की संयुक्त प्रबंध निदेशक के पद पर तैनात प्रणता ऐश्वर्या को यूपी एग्रो का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। खाद्य एवं रसद विभाग के विशेष सचिव तथा विधिक बाट एवं माप नियंत्रक के पद पर तैनात प्रभाष कुमार को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के विशेष सचिव तथा जल निगम (ग्रामीण) के संयुक्त प्रबंध निदेशक का कार्यभार सौंपा गया है। आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के विशेष सचिव उदय भानु त्रिपाठी को नगर विकास विभाग का विशेष सचिव तथा आगरा मंडल की अपर आयुक्त डॉ. कंचन सरन को महिला आयोग का सचिव बनाया गया है।
ACS वन एवं पर्यावरण मनोज सिंह को प्रतीक्षा सूची में डाला गया
आईएएस मनोज सिंह को वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) पद से हटाकर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है। माना जा रहा है कि सरकार ने गंगा में गंदगी को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की तल्ख टिप्पणियों को गंभीरता से लेते हुए उन्हें पद से हटाया है। एनजीटी ने कहा था, ‘गंदगी से प्रदूषित गंगा का पानी पीने लायक नहीं है।’
एनजीटी ने मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को गंगा के प्रदूषण से निपटने और गंगा के पानी को प्रदूषित होने से रोकने के संबंध में चार सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने को कहा है।
प्रयागराज में महाकुंभ के मद्देनजर गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त करने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले से ही गंभीर हैं। वर्ष 1989 बैच के आईएएस अधिकारी मनोज सिंह 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सेवानिवृत्ति से 51 दिन पहले मनोज सिंह को प्रतीक्षा सूची में डाले जाने के पीछे की वजह उन्नाव और गाजियाबाद में अवैध तरीके से बूचड़खाने को एनओसी देने का मामला भी माना जा रहा है। यह एनओसी तब दी गई थी जब मनोज प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन थे। सरकार ने मनोज को होल्ड पर रखकर वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी अनिल कुमार-तृतीय को दी है। सरकार ने नौ अन्य आईएएस अफसरों का भी तबादला किया है।