Tuesday, February 10, 2026
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PM मोदी गुजरात के कच्छ में जवानों संग मनाएंगे दिवाली, बढ़ाएंगे सेना का हौसला

पीएम नरेंद्र मोदी इस वर्ष की दिवाली पश्चिमी सीमा के निकट कच्छ क्षेत्र में तैनात भारतीय सैनिकों के साथ मनाने की योजना बना रहे हैं। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री भारतीय सेना के जवानों का हौसला बढ़ाने और उनके योगदान को सम्मान देने के लिए उनसे मिलेंगे। साथ ही, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) के पास तैनात सैनिकों से मिलने जाएंगे, जो भारतीय सेना के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और सैनिकों के बलिदान के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

सीमा पर जवानों के साथ दिवाली: प्रधानमंत्री का वार्षिक परंपरा

प्रधानमंत्री मोदी की यह दिवाली पर जवानों के साथ समय बिताने की वार्षिक परंपरा बन चुकी है। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से मोदी हर साल दिवाली के अवसर पर देश के विभिन्न सीमावर्ती क्षेत्रों में जवानों से मिलते रहे हैं। उन्होंने सियाचिन, उत्तराखंड, कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश जैसे सुदूर क्षेत्रों में जाकर सैनिकों का मनोबल बढ़ाया है। इस बार, गुजरात के कच्छ क्षेत्र में दिवाली मनाने से वह कच्छ के रण में तैनात भारतीय सैनिकों को उनके अदम्य साहस और बलिदान के लिए धन्यवाद देंगे।

कच्छ क्षेत्र में सुरक्षा की अहमियत

कच्छ का रण पाकिस्तान के साथ भारतीय सीमा के पास स्थित है, जो भारतीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। यहां तैनात जवान दिन-रात सीमा की रक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। इस क्षेत्र में दिवाली मनाने का प्रधानमंत्री का निर्णय न केवल देश की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि जवानों के प्रति भी गहरा सम्मान प्रकट करता है। कच्छ क्षेत्र में जवानों के साथ दिवाली मनाना, उनके बलिदान को मान्यता देने और उनकी कड़ी मेहनत को सलाम करने का एक अनूठा तरीका है।

देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत

प्रधानमंत्री मोदी का यह कदम पूरे देशवासियों के लिए प्रेरणादायक है। उनकी इस परंपरा से यह संदेश मिलता है कि हमारी सेना के जवानों का योगदान किसी भी हाल में नहीं भुलाया जा सकता। दिवाली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर जवानों के साथ समय बिताना देशवासियों को भी सेना के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए प्रेरित करता है। रक्षा मंत्री का एलएसी पर जाना भी सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात जवानों के प्रति विशेष मान्यता का प्रतीक है, जो भारत की रक्षा के लिए सीमाओं पर हर मौसम में सतर्क रहते हैं।

प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का यह कदम देशवासियों के बीच एकजुटता और सम्मान की भावना को और मजबूत करेगा और सीमाओं पर तैनात जवानों का मनोबल ऊंचा रखेगा।

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