18वीं लोकसभा के पहले संसद सत्र का आज सातवां दिन है। इस समय पीएम नरेंद्र मोदी लोकसभा में बोल रहे हैं। पीएम के भाषण की शुरुआत से ही विपक्ष मणिपुर को लेकर हंगामा कर रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि विश्व का सबसे बड़ा चुनाव अभियान था, उसमें देश की जनता ने हमें तीसरी बार देश की सेवा करने का मौका दिया है, यह लोकतांत्रिक विश्व के लिए गौरवपूर्ण घटना है। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकाल में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, यह इस चुनाव में हमारे लिए आशीर्वाद का कारण बना। देश की जनता ने देखा है कि हमारा एकमात्र लक्ष्य भारत सर्वप्रथम रहा है, हमारी हर नीति, निर्णय और कार्य का एक ही तराजू ‘भारत प्रथम’ रहा है। हम तुष्टीकरण नहीं, संतुष्टीकरण के विचार को लेकर चले हैं।
उन्होंने कहा कि देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि जिस विकसित भारत के संकल्प को लेकर हम चले हैं उसके लिए पूरी ईमानदारी से प्रयास करेंगे और हमारे समय का पल पल और शरीर का कण-कण इस सपने को पूरा करने में लगाएंगे। मेरी सरकार की कई सफलताएं और सिद्धियां हैं, इनमें एक प्रमुख सिद्धि यह है कि देश निराशा के गर्त से बाहर निकला और आत्मविश्वास की बुलंदी पर पहुंचा। जनता ने हमें स्थिरता और निरंतरता के लिए जनादेश दिया है।
इससे पहले BJP सांसद बांसुरी स्वराज ने मंगलवार को लोकसभा में एक नोटिस दिया, जिसमें सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण में कथित गलतियों का उल्लेख किया गया है। स्वराज ने सदन में कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को अपने भाषण में कुछ ‘‘गलत’’ बयान दिए। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उनके नोटिस पर संज्ञान लेने का आग्रह किया। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के निर्देश 115 के तहत नोटिस दिया है।



