वाराणसी में मंगलवार देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच ताबड़तोड़ गोलियां चलीं। एसटीएफ ने मुठभेड़ में एक लाख के इनामी कुख्यात अपराधी बनारसी यादव को ढेर कर दिया।
STF ने कुख्यात अपराधी को किया ढेर
स्पेशल टास्क फोर्स (STF) वाराणसी ने मंगलवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए एक लाख के इनामी बदमाश बनारसी यादव को मुठभेड़ में मार गिराया। बनारसी यादव गाजीपुर जिले के गौरहट का रहने वाला था और उस पर हत्या, लूट समेत गंभीर अपराधों के 21 मुकदमे दर्ज थे।
महेंद्र गौतम हत्याकांड में था मुख्य आरोपी
21 अगस्त को सारनाथ के अरिहंत नगर कॉलोनी फेज-2 में कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की गोली मारकर हत्या की गई थी। इस वारदात को बनारसी यादव ने अपने साथियों अरविंद यादव उर्फ फौजी उर्फ कल्लू और विशाल के साथ मिलकर अंजाम दिया था। जांच में सामने आया था कि हत्या के लिए बनारसी ने पांच लाख रुपये की सुपारी ली थी।
बरियासनपुर में हुई मुठभेड़
STF को सूचना मिली थी कि बनारसी यादव किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के इरादे से बरियासनपुर होते हुए दयालपुर की ओर जा रहा है। सूचना के आधार पर अपर पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह के निर्देशन में निरीक्षक अमित श्रीवास्तव और अनिल कुमार सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इसी दौरान बाइक से दो बदमाश आते दिखे। STF द्वारा रुकने का इशारा करने पर बाइक सवार बदमाश भागने लगे। पीछे बैठे बनारसी यादव ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ के दौरान वह दोनों हाथों से 0.30 और 0.32 बोर की पिस्टल से गोलियां चला रहा था। जवाबी कार्रवाई में STF की गोली उसके सीने में लगी और वह मौके पर गिर पड़ा। दूसरा बदमाश बाइक लेकर फरार हो गया।
महेंद्र गौतम की हत्या की रची थी साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि गाजीपुर के रामपुर ढकवां निवासी बिल्डर और प्रॉपर्टी डीलर जोगेंद्र यादव उर्फ फैटू ने महेंद्र गौतम की हत्या की साजिश रची थी। करीब 50 करोड़ रुपये की 40 बिस्वा जमीन के विवाद को लेकर यह हत्या कराई गई थी। इस साजिश में संपूर्णानंद शुक्ला उर्फ चंदन शुक्ला और पूर्व प्रधान श्यामप्रकाश राजभर उर्फ रेखा प्रधान भी शामिल थे, जिन्हें पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।



