Sunday, February 8, 2026
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Union Budget 2026 : किसानों को AI टूल, तो बेटियों को हॉस्टल, बजट में एक साथ मिली कई राहत…

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 के अपने भाषण में गांव, किसान, महिलाएं, युवा, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर-सभी को एक साझा दृष्टि के तहत जोड़ने वाले कई अहम फैसले सामने रखे। इस बजट की खास बात यह रही कि इसमें केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि आम और लोअर मिडिल क्लास परिवारों की ज़मीनी जरूरतों और लंबे समय की सुरक्षा को केंद्र में रखा गया है।

किसानों के लिए AI से खेती बनेगी ज्यादा स्मार्ट

बजट में किसानों के लिए भारत विस्तार AI एग्री टूल लॉन्च करने की घोषणा की गई है। इस तकनीक के जरिए किसानों को फसल चक्र, मौसम पूर्वानुमान, मिट्टी की गुणवत्ता और बाजार भाव से जुड़ी सटीक जानकारी समय पर मिलेगी। सरकार के मुताबिक, AI आधारित मार्गदर्शन से खेती की लागत कम होगी और उत्पादन में बढ़ोतरी होगी, जिसका सीधा लाभ छोटे और सीमांत किसानों तक पहुंचेगा।

गर्ल्स हॉस्टल से बेटियों की पढ़ाई को मिलेगा सहारा

छात्राओं की शिक्षा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि देश के हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा। इससे ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों से उच्च शिक्षा के लिए आने वाली बेटियों को सुरक्षित, सुलभ और किफायती आवास मिलेगा, जिससे उनकी पढ़ाई बिना रुकावट जारी रह सकेगी।

आयुर्वेद और मेडिकल टूरिज्म को मिली नई दिशा

बजट 2026-27 में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही, भारत को वैश्विक मेडिकल टूरिज्म केंद्र बनाने के लिए राज्यों के सहयोग से पांच क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज्म हब विकसित किए जाएंगे। इससे न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

सेवाक्षेत्र के लिए दीर्घकालिक रोडमैप

‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट’ एंड एंटरप्राइज विषय पर एक उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति गठित करने का प्रस्ताव किया है। इस समिति का उद्देश्य 2047 तक सेवाक्षेत्र में भारत की 10 प्रतिशत वैश्विक हिस्सेदारी सुनिश्चित करना है। यह समूह रोजगार, निर्यात और विकास पर फोकस करेगा और AI जैसी उभरती तकनीकों के स्किल व रोजगार पर पड़ने वाले असर का अध्ययन कर नीति सुझाव देगा।

हाई-स्पीड रेल और बढ़ा पूंजीगत निवेश

पर्यावरण के अनुकूल और तेज यात्री परिवहन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की है। इनमें मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं।

इसके साथ ही वित्त वर्ष 2026-27 में सार्वजनिक पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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