केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 के अपने भाषण में किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण आबादी के लिए कई अहम योजनाओं का ऐलान किया। बजट का उद्देश्य कृषि आय बढ़ाना, पशुपालन को मजबूत करना और ग्रामीण क्षेत्रों में नए अवसर पैदा करना है।
छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य छोटे और सीमांत किसानों की आय में इजाफा करना है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं और अवसरों के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाया जाएगा। साथ ही दिव्यांगों के सशक्तीकरण पर भी विशेष फोकस रखा गया है।
किसानों के लिए AI टूल ‘भारत-VISTAAR’
बजट में किसानों के लिए बहुभाषी AI टूल ‘भारत-VISTAAR’ कार्यक्रम की शुरुआत का ऐलान किया गया है। यह AI आधारित प्लेटफॉर्म किसानों को बेहतर फैसले लेने में मदद करेगा, जिससे उनकी उत्पादकता और आय दोनों बढ़ सकेंगी।
मछली पालन क्षेत्र को मिलेगा नया विस्तार
बजट में मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए बड़ा ऐलान किया गया है। देशभर में 500 जलाशयों का विकास किया जाएगा। तटीय क्षेत्रों में फिशरीज वैल्यू चेन को मजबूत किया जाएगा, जिससे मछुआरों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्टार्टअप्स और महिलाओं की अगुवाई वाले स्वयं सहायता समूहों को बाजार से जोड़ने पर जोर दिया गया है। इससे ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
पशुपालन के लिए लोन-आधारित सब्सिडी
पशुपालन क्षेत्र को मजबूती देने के लिए लोन-आधारित सब्सिडी कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही पशुधन किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को बढ़ावा दिया जाएगा।
बागवानी फसलों को मिलेगी सहायता
तटीय इलाकों में नारियल, चंदन और काजू जैसी फसलों को विशेष सहायता दी जाएगी। नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए नारियल संवर्धन योजना लाई जाएगी। इसके अलावा भारतीय काजू और कोको के लिए कार्यक्रम शुरू होंगे, जिनका उद्देश्य इन्हें वैश्विक ब्रांड बनाना है।
ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कदम
सरकार का कहना है कि बजट 2026-27 में की गई ये घोषणाएं किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण समाज को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम हैं। इन योजनाओं से कृषि, मत्स्य पालन और पशुपालन क्षेत्र में दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।












