Sunday, February 8, 2026
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Union Budget 2026 : तम्बाकू, सिगरेट और पान मसाला पर 40 % के ऊपर लगेगी GST, यहां देखें पूरी लिस्ट…

आज यानी 1 फरवरी 2026 से कुछ चुनिंदा उत्पादों पर नई GST दरें लागू होने जा रही हैं, जिसका सीधा असर उनकी कीमतों पर पड़ेगा। ये बदलाव खास तौर पर तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों के लिए किए गए हैं। हालांकि नई जीएसटी दरों को लेकर फैसला 22 सितंबर 2025 को लिया गया था, लेकिन इस पर संशोधित टैक्स व्यवस्था आज से प्रभावी होगी।

सिगरेट और पान मसाला पर बढ़ेगा टैक्स बोझ

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1 फरवरी से सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त केंद्रीय उत्पाद शुल्क लगाया जाएगा। इसके साथ ही पान मसाला पर स्वास्थ्य उपकर भी लागू होगा। यह टैक्स अधिकतम 40 प्रतिशत जीएसटी दर के ऊपर वसूला जाएगा।

नई व्यवस्था के तहत ये उपकर और उत्पाद शुल्क उन 28 प्रतिशत जीएसटी और क्षतिपूर्ति उपकर की जगह लेंगे, जो 1 जुलाई 2017 से इन उत्पादों पर लागू थे।

ये उत्पाद होंगे महंगे

1 फरवरी से चबाने वाला तंबाकू, फिल्टर खैनी, जर्दा युक्त सुगंधित तंबाकू और गुटखा जैसे उत्पादों के लिए अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) के आधार पर टैक्स निर्धारण किया जाएगा।

यानी अब इन उत्पादों पर जीएसटी पैकेट पर छपी खुदरा कीमत के हिसाब से तय होगी, जिससे इनकी कीमतों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।

पान मसाला निर्माताओं के लिए नए नियम

पान मसाला बनाने वाली कंपनियों को स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर कानून के तहत नया पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, सभी पैकिंग मशीनों को कवर करने वाली सक्रिय सीसीटीवी व्यवस्था लगानी होगी और उसकी रिकॉर्डिंग कम से कम 24 महीने तक सुरक्षित रखनी होगी।

निर्माताओं को उत्पाद शुल्क विभाग को मशीनों की संख्या और उनकी उत्पादन क्षमता की जानकारी भी देनी होगी। अगर कोई मशीन लगातार 15 दिनों या उससे अधिक समय तक बंद रहती है, तो उस अवधि के लिए उत्पाद शुल्क में छूट का दावा किया जा सकता है।

सिगरेट पर लंबाई के हिसाब से लगेगा शुल्क

केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम में किए गए संशोधन के तहत अब सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति स्टिक 2.05 रुपये से लेकर 8.50 रुपये तक उत्पाद शुल्क वसूला जाएगा, जो 1 फरवरी से लागू होगा।

पान मसाला पर कुल टैक्स भार बरकरार

स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर कानून के तहत पान मसाला इकाइयों की उत्पादन क्षमता के आधार पर उपकर लगाया जाएगा। 40 प्रतिशत जीएसटी को शामिल करने के बाद भी पान मसाला पर कुल कर भार मौजूदा स्तर यानी लगभग 88 प्रतिशत पर ही रखा गया है।

यह भी पढ़ें : बजट से पहले महंगाई का झटका, 19 किलो LPG सिलेंडर महंगा…

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