Saturday, February 7, 2026
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UP News : केले की आड़ में कछुओं की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पुलिस ने तीन लोगों को किया गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में पुलिस ने वन्यजीव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। केले से लदी एक पिकअप के जरिए दुर्लभ प्रजाति के कछुओं की तस्करी की जा रही थी, जिसे मुंशीगंज पुलिस ने समय रहते पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान 1203 संरक्षित कछुए बरामद किए गए हैं और तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों की कीमत

वन विभाग के अनुसार, बरामद कछुए संरक्षित श्रेणी में आते हैं और उनकी अनुमानित कीमत करीब 30 लाख रुपये आंकी जा रही है। पुलिस ने सभी कछुओं को वन विभाग के सौंप दिया है। साथ ही, आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

गुप्त सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई

मुंशीगंज थाना प्रभारी शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार रात पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जगदीशपुर क्षेत्र से एक पिकअप वाहन के जरिए कछुओं को वाराणसी ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही मुसाफिरखाना-अमेठी मार्ग पर इंजीनियरिंग कॉलेज के पास घेराबंदी कर चेकिंग शुरू की गई। इसके बाद संदिग्ध पिकअप वहां पहुंची, पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की। हालांकि चालक ने वाहन भगाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे दबोच लिया।

गिरफ्तार हुए तीनों आरोपी

इसके बाद पुलिस ने पिकअप वाहन की तलाशी ली, जिनमें ऊपर से केले लदे मिले, लेकिन नीचे बोरों में कछुओं को छिपाकर रखा गया था। मौके से जगदीशपुर के पालपुर गांव के रमेश, राजेश और श्रावस्ती निवासी वीरेंद्र विक्रम को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने माना कि वे अलग-अलग स्थानों से कछुए इकट्ठा कर वाराणसी के रास्ते कोलकाता ले जाकर तस्करी करते थे।

60 बोरों से निकले 1203 कछुए

वन विभाग की टीम की मौजूदगी में जब पिकअप वाहन से 60 बोरे उतारे गए, तो उनमें कुल 1203 कछुए पाए गए। वन अधिकारियों के अनुसार, इनका कुल वजन करीब 15 क्विंटल है। साथ ही आरोपियों के पास से 60 हजार रुपये नकद भी बरामद हुए हैं। जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी रमेश के खिलाफ पहले भी कछुआ तस्करी के कई मामले दर्ज हैं।

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