बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार तड़के STF और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के कुख्यात शूटर परमानंद यादव के बीच मुठभेड़ हो गई। इस कार्रवाई में परमानंद यादव के पैर में गोली लगी है। उसे इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
20 किलोमीटर तक किया पीछा
पुलिस के अनुसार, देर रात बेऊर थाना क्षेत्र में कुछ अपराधियों की गिरफ्तारी के दौरान परमानंद यादव पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। वह जहानाबाद की ओर भागने लगा, जिसके बाद STF और स्थानीय पुलिस ने उसका पीछा शुरू किया। मसौढ़ी थाना को अलर्ट किया गया और गुरुवार सुबह करीब चार बजे पुलिस ने उसे घेर लिया।
बिहार-झारखंड में फैला था नेटवर्क
परमानंद यादव लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का बिहार प्रभारी बताया जा रहा है। वह बिहार और झारखंड में गैंग से जुड़े ऑपरेशन संभाल रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, उस पर हत्या, लूट और रंगदारी समेत 24 से ज्यादा गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। STF की टीम पिछले डेढ़ साल से उसकी तलाश में लगी हुई थी।
झारखंड से करता था गैंग ऑपरेट
परमानंद यादव झारखंड के लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र के चेतर गांव का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, वह झारखंड से ही बिहार-झारखंड में अपना आपराधिक नेटवर्क फैलाने की कोशिश कर रहा था। लातेहार जिले में ही उसके खिलाफ चार आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन चलाया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परमानंद से पूछताछ के बाद लॉरेंस गैंग और उससे जुड़े नेटवर्क को लेकर कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।



