Sunday, February 8, 2026
Google search engine
HomeCurrent NewsNATO को लेकर ट्रंप का बड़ा दावा, “अगर मैं नहीं आता तो...

NATO को लेकर ट्रंप का बड़ा दावा, “अगर मैं नहीं आता तो आज नाटो होता ही नहीं”

ग्रीनलैंड, वेनेजुएला और वैश्विक टैरिफ जैसे मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाने वाले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब नाटो (NATO) को लेकर बड़ा और विवादित दावा कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने कहा कि नाटो को बचाने में उनकी भूमिका सबसे अहम रही है और अगर वे सत्ता में नहीं आते, तो आज नाटो का अस्तित्व ही नहीं होता।

ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा, “नाटो के लिए जितना मैंने किया है, उतना किसी एक व्यक्ति या राष्ट्रपति ने नहीं किया। अगर मैं नहीं आता, तो आज नाटो होता ही नहीं। यह इतिहास की राख में मिल चुका होता। यह दुखद है, लेकिन सच है।”

नाटो देशों पर दबाव का दौर याद दिलाया

दरअसल, ट्रंप का इशारा उस समय की ओर है जब उन्होंने नाटो सदस्य देशों पर अपनी सुरक्षा के लिए ज्यादा खर्च करने का दबाव बनाया था। ट्रंप लगातार यह कहते रहे हैं कि अमेरिका अकेले नाटो का बोझ उठा रहा था, जबकि बाकी देश अपनी जिम्मेदारी से बच रहे थे। उनका दावा है कि उनकी सख्ती के चलते कई नाटो देशों ने अपने रक्षा बजट में बढ़ोतरी की, जिससे गठबंधन दोबारा मजबूत हुआ।

ट्रंप के प्रमुख दावे संक्षेप में

* ट्रंप का कहना है कि नाटो के लिए उन्होंने किसी भी राष्ट्रपति से ज्यादा काम किया।
* उनके अनुसार, अगर वे सत्ता में नहीं आते, तो नाटो आज अस्तित्व में नहीं होता।
* उन्होंने कहा कि नाटो “इतिहास की राख में मिल चुका होता।”
* ट्रंप ने नाटो देशों पर रक्षा खर्च बढ़ाने के लिए बनाए गए दबाव को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।

रूस ने नाटो और यूरोप की सुरक्षा पर जताई चिंता

ट्रंप के ग्रीनलैंड को अपने अधीन करने की कोशिशों को लेकर रूस ने भी कड़ा बयान दिया है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार को कहा कि यह कदम नाटो के लिए एक गहरी संकट की घंटी है। लावरोव ने कहा कि इससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या यह सैन्य-राजनीतिक गठबंधन अब एकजुट रह पाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “पहले यह सोचना मुश्किल था कि ऐसा हो सकता है, लेकिन अब ऐसी स्थिति बन सकती है जिसमें एक नाटो सदस्य, दूसरे नाटो सदस्य पर हमला कर दे।”

“नियम आधारित व्यवस्था” पर भी रूस का हमला

रूसी विदेश मंत्री ने ट्रंप की नीतियों को पश्चिमी देशों द्वारा बनाए गए “नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था” के खिलाफ बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब नियम पूरे पश्चिमी गठबंधन नहीं, बल्कि सिर्फ एक देश तय कर रहा है। रूस लंबे समय से इस व्यवस्था की आलोचना करता रहा है।

दुनियाभर में बढ़ती चिंता

गौरतलब है कि ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया पहले से ही अस्थिर दौर से गुजर रही है।

* एक ओर अमेरिका की ओर से वेनेजुएला पर कार्रवाई और अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी।
* दूसरी ओर ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के सख्त तेवर।
* साथ ही करीब चार साल से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध ने यूरोप की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments